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फ्रेंच ओपन में भारत के रोहन बोपन्‍ना और कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोवस्‍की बने मिक्‍स्‍ड डबल्‍स चैंपियन

भारत के रोहन बोपन्ना और कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोवस्‍की की जोड़ी ने प्रतिष्ठित फ्रेंच ओपन टूर्नामेंट के मिक्‍स्‍ड डबल्‍स वर्ग का खिताब जीत लिया है.

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फ्रेंच ओपन में भारत के रोहन बोपन्‍ना और कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोवस्‍की बने मिक्‍स्‍ड डबल्‍स चैंपियन

भारत के रोहन बोपन्‍ना और कनाडा की गैब्रिएला डाब्रोवस्‍की की जोड़ी ने फाइनल तीन सेटों में जीता

खास बातें

  1. बोपन्‍ना-गैब्रिएला ने फाइनल 2-6, 6-2, 12-10 से जीता
  2. कोलंबिया के राबर्ट और जर्मनी की लारा की जोड़ी को हराया
  3. रोहन बोपन्‍ना ने पहली बार किसी ग्रैंडस्‍लैम का खिताब जीता है
पेरिस: रोहन बोपन्ना ने आज यहां कनाडा की अपनी जोड़ीदार गैब्रियला डाब्रोवस्की के साथ मिलकर फ्रेंच ओपन मिक्‍स्‍ड डबल्‍स ट्रॉफी जीतकर अपना पहला ग्रैंडस्लैम खिताब हासिल किया.वह ग्रैंडस्लैम खिताब जीतने वाले चौथे भारतीय बन गए हैं.बोपन्ना और डाब्रोवस्की की सातवीं वरीयता प्राप्त जोड़ी ने फाइनल में शानदार वापसी की.उन्होंने दो मैच प्वाइंट बचाकर जर्मनी की अन्ना लेना गोरेनफील्ड और कोलंबिया के राबर्ट फराह को 2-6, 6-2, 12-10 से हराया.

बोपन्ना ने जीत के बाद कहा, ‘हम दूसरे सेट में थोड़ा सहज होकर खेले और हमने अपना नैसर्गिक खेल खेलना शुरू किया.मुझे लगता है कि हमने एक टीम के तौर पर बहुत कुछ करने का प्रयास किया.’ उन्होंने कहा, ‘यह फाइनल था और इसलिए हमने अपनी तरफ से रिटर्न या फिर सर्विस पर जरूरत से ज्यादा जोर दिया. पहले सेट के बाद हमने जो सर्वश्रेष्ठ कर सकते थे उस पर ध्यान दिया. हमने एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया. इससे अंतर पैदा हुआ. एक बार सहज होने के बाद हमने बेहतर टेनिस खेली.’ भारत और कनाडा की जोड़ी पहले सेट में एक समय दो अंक से पीछे थी लेकिन गोरेनफील्ड और फराह ने मौका गंवा दिया. बोपन्ना और डाब्रोवस्की ने इसका पूरा फायदा उठाया और फिर दो मैच प्वाइंट हासिल किए तथा जर्मनी की खिलाड़ी के डबल फाल्ट खिताब अपने नाम किया.

यह केवल दूसरा अवसर है जबकि बोपन्ना अपने करियर में ग्रैंडस्लैम के फाइनल में पहुंचे थे. उन्होंने 2010 में पाकिस्तान के ऐसाम उल हक कुरैशी के साथ मिलकर यूएस ओपन के फाइनल में जगह बनाई थी जहां उन्हें ब्रायन बंधुओं बाब और माइक से हार का सामना करना पड़ा था. बोपन्ना से पहले केवल लिएंडर पेस, महेश भूपति और सानिया मिर्जा ही भारत के लिए ग्रैंडस्लैम खिताब जीत पाए हैं.

डाब्रोवस्की निर्णायक अंक पर अपनी सर्विस गंवा बैठीं. फराह ने लंबी रैलियां चलने के बाद बोपन्ना के सिर के उपर से वॉली जमाई. रविवार को अपना 22वां जन्मदिन मनाने वाली अन्ना लेना गोरेनफील्ड ने आसानी से सर्विस बचाकर स्कोर 3-1 कर दिया. पहले सेट में तब बोपन्ना पर दबाव था और उनका फोरहैंड बाहर चला गया और पांचवें गेम में उनके खिलाफ दो ब्रेक प्वाइंट थे लेकिन उन्होंने कनाडाई खिलाड़ी ने नेट पर अच्छा खेल दिखाया और उन्होंने इन्हें बचा दिया. फराह की सर्विस अच्छी रही और जब 2-4 पर डाब्रोवस्की सर्विस कर रही थी तो पर उन पर दबाव स्पष्ट देखा जा सकता था. उनका बैकहैंड बाहर चला गया और शून्य पर उनकी सर्विस टूट गई.

बोपन्ना ने दूसरे सेट की शुरुआत डबल फाल्ट से की लेकिन वह अपनी सर्विस बचाने में सफल रहे. इस बीच उन्होंने लाइन काल के लिये चेयर अंपायर से बहस भी की. किसी भी तरह वापसी की चाहत सातवीं वरीय जोड़ी पर भारी पड़ी और डाब्रोवस्की दूसरे सेट के शुरू में अपनी सर्विस बचाये रखने में असफल रहीं. बोपन्ना और उनकी कनाडाई जोड़ीदार ने हालांकि तब राहत की सांस ली जब गोरेनफील्ड शून्य पर अपनी सर्विस गंवा बैठीं.  इसके बाद फराह भी छठे गेम में अपनी सर्विस नहीं बचा पाये जिससे बोपन्ना और डाब्रोवस्की 4-2 से आगे हो गए. इसके बाद कनाडाई खिलाड़ी ने मैच में पहली बार अपनी सर्विस बचाई और इसके बाद आसानी से दूसरा सेट अपने नाम करके मैच बराबरी पर ला दिया. मैच टाईब्रेकर में बोपन्ना और डाब्रोवस्की ने 3-0 से बढ़त बनाई लेकिन इसके बाद उन्होंने लगातार पांच अंक गंवाये और 3-5 से पीछे हो गए. इसके बाद स्कोर 5-5 से बराबरी पर पहुंचा. आगे भी उतार चढ़ाव चलता रहा और आखिर में बोपन्ना और डाब्रोवस्की चैंपियन बनने में सफल रहे.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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