यह ख़बर 21 फ़रवरी, 2013 को प्रकाशित हुई थी

कुश्ती के ओलिम्पिक भविष्य के लिए संघर्ष करेगा रूस

कुश्ती के ओलिम्पिक भविष्य के लिए संघर्ष करेगा रूस

खास बातें

  • रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन के सहायक ने कहा है कि रूस, ओलिम्पिक खेलों में कुश्ती के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव तथा हर स्तर पर संघर्ष करेगा।
मास्को:

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतीन के सहायक ने कहा है कि रूस, ओलिम्पिक खेलों में कुश्ती के भविष्य को सुनिश्चित करने के लिए हरसंभव तथा हर स्तर पर संघर्ष करेगा।

अंतरराष्ट्रीय ओलिम्पिक समिति ने पिछले सप्ताह ही इस प्राचीनतम खेल को ओलिम्पिक खेलों की प्रमुख सूची से हटा दिया है। तभी से कुश्ती की पारम्परिक पृष्ठभूमि वाले देश जैसे रूस, इरान तथा भारत, ओलिम्पिक समिति के इस फैसले का विरोध कर रहे हैं।

दिमित्री पेस्कोव ने बुधवार को कहा, "निश्चित रूप से, इस बात की पूरी संभावनाएं हैं। आधिकारिक और कार्यकारी सभी स्तरों पर हम ओलिम्पिक समिति के कार्यकारी बोर्ड तथा ओलिम्पिक समिति के सदस्यों से मिलकर इस निर्णय को वापस लेने के लिए अपने तर्क रखेंगे।"

ओलिम्पिक समिति के इस निर्णय के बाद कुश्ती की अंतरराष्ट्रीय सरकारी संस्था एफआईएलए के अध्यक्ष राफेल मार्टिनेटी ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया तथा उनके स्थान पर सर्बिया के नेनाद लाजोविक को कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। राफेल अविश्वास प्रस्ताव में बमुश्किल अपना पद बचा सके थे।

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ओलिम्पिक समिति सितम्बर में ब्यूनस आयर्स में 2020 में होने वाले ओलिम्पिक कार्यक्रमों तथा मेजबान शहर के बारे में अंतिम घोषणा करेगी।