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सचिन तेंदुलकर ने PM को लिखा पत्र, इंटरनेशनल पदक विजेताओं को इस योजना का लाभ देने का किया अनुरोध

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसमें सचिन ने पीएम से आग्रह किया है कि देश के सभी अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) में शामिल किया जाए.

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सचिन तेंदुलकर ने PM को लिखा पत्र, इंटरनेशनल पदक विजेताओं को इस योजना का लाभ देने का किया अनुरोध

सचिन ने सभी अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को स्‍वास्‍थ्‍य योजना में शामिल करने का आग्रह किया है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कहा-केंद्र की स्‍वास्‍थ्‍य योजना में शामिल किए जाएं सभी मेडल विनर
  2. इस मामले में मशहूर हॉकी खिलाड़ी मो. शाहिद का उदाहरण दिया
  3. फिलहाल इस योजना का लाभ केंद्र के कर्मचारियों को मिलता है
नई दिल्ली: महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. इसमें सचिन ने पीएम से आग्रह किया है कि देश के सभी अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं को केंद्र सरकार स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) में शामिल किया जाए. स्वास्थ्य संबंधी मुद्दों के दौरान खिलाड़ियों की मुश्किलों पर बात करते हुए तेंदुलकर ने अपने पत्र में ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतने वाली भारतीय टीम के सदस्‍य मोहम्मद शाहिद के अंतिम दिनों का उदाहरण दिया. तेंदुलकर ने 24 अक्‍टूबर को पीएम मोदी को अपने पत्र में लिखा, ‘मैं संबंधित खिलाड़ी के रूप में अपने देश के सभी खिलाड़ियों की ओर से लिखते हुए आपसे आग्रह करता हूं कि आप हस्तक्षेप करके अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतने वाले सभी खिलाड़ियों को सीजीएचएस सुविधाओं के पात्र खिलाड़ियों की सूची में शामिल करें.’ सीजीएचएस सुविधाओं का फायदा केंद्र सरकार के कर्मचारियों को मिलता है जो इससे जुड़े मेडिकल केंद्रों पर उपचार करा सकते हैं. तेंदुलकर ने प्रधानमंत्री मोदी को बताया है कि वे इस मुद्दे को इससे पहले खेल मंत्रालय और स्वास्थ्य मंत्रालय दोनों के साथ उठा चुके हैं. तेंदुलकर ने लिखा, ‘उन्होंने (स्वास्थ्य मंत्रालय ने) इस विचार का समर्थन किया है लेकिन 14 सितंबर को अपने जवाब में सीजीएचएस योजना के तहत विस्तृत रूप से खिलाड़ियों पर विचार करने में अक्षमता जताई है. अपने शुरुआती आग्रह के आधार पर मैं उनकी पूरी तरह से सराहना करता हूं और उनकी स्थिति समझ सकता हूं.’मास्‍टर ब्‍लास्‍टर ने प्रधानमंत्री से ‘पायलट/परीक्षण’ योजना के तहत कम से कम अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं (गैर सरकारी कर्मचारी) के नाम पर विचार करने को कहा है जिसकी लागत/फायदों का खेल मंत्रालय आकलन कर सकता है. सचिन ने लिखा, ‘एक बार लागत/फायदों के आकलन के बाद इन्हें चरणबद्ध रूप से खिलाड़ियों के अतिरिक्त वर्गों को दिया जा सकता है, पायलट कार्यक्रम की उपयोगिता के स्वास्थ्य मंत्रालय के आकलन करने के बाद.’तेंदुलकर ने दिवंगत हॉकी खिलाड़ी मोहम्‍मद शाहिद का हवाला दिया जिन्हें अंतिम दिनों में ही मदद मिल सकी. लीवर से जुड़ी बीमारी के कारण शाहिद का निधन हुआ था.

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उन्होंने कहा, ‘सभी खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी नहीं दी जाती, इसलिए अगर हम अंतरराष्ट्रीय पदक विजेताओं के सीमित पूल पर भी विचार करते हैं तो अपने महान हॉकी खिलाड़ियों में से एक मोहम्मद शाहिद के प्रति उदासीनता जैसी घटनाओं से बच सकते हैं.’ तेंदुलकर ने लिखा, ‘मैंने कई गंभीर चोटों का सामना किया जहां मेरे सामने अनिश्चित वापसी का दबाव था. खिलाड़ी को काफी शारीरिक और मानसिक तनाव से गुजरना पड़ता है.’ उन्होंने कहा, ‘चिकित्सकीय खर्चा खिलाड़ियों पर अतिरिक्त भार डालता है.’

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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