जीत की भूख अभी खत्‍म नहीं हुई, सुपरसीरीज फाइनल के लिए क्‍वालिफाई करना पहला लक्ष्‍य : साइना नेहवाल

लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद की अकादमी में लौटने के बाद अब दुबई सुपरसीरीज फाइनल्स के लिये क्वालीफाई करना चाहती हैं.

जीत की भूख अभी खत्‍म नहीं हुई, सुपरसीरीज फाइनल के लिए क्‍वालिफाई करना पहला लक्ष्‍य : साइना नेहवाल

साइना नेहवाल ने तीन साल बाद गोपीचंद के पास लौटने का फैसला किया है (फाइल फोटो)

खास बातें

  • कहा-जब गोपी सर से बात की तो सब कुछ सहज हो गया
  • हमने अतीत के मतभेद को भुला दिया, अब अभ्‍यास पर है फोकस
  • साइना ने मदद के लिए कोच विमल कुमार को धन्‍यवाद दिया
बेंगलुरू:

देश की स्‍टार शटलर साइना नेहवाल ने अपने करियर को फिर से ऊंचाई देने के लिए पूर्व कोच गोपीचंद की अकादमी में अभ्‍यास करने का फैसला किया है. लंदन ओलिंपिक की कांस्य पदक विजेता साइना नेहवाल मुख्य कोच पुलेला गोपीचंद की अकादमी में लौटने के बाद अब दुबई सुपरसीरीज फाइनल्स के लिये क्वालीफाई करना चाहती हैं. साइना ने कल तीन साल बाद गोपीचंद के पास लौटने का ऐलान किया था. साइना ने कहा,‘मुझे लगता है कि जब हमने बात की तो सब कुछ सहज हो गया और अतीत की कोई बात नहीं हुई. हमने अतीत के मतभेदों को भुला दिया है और अब अभ्यास पर फोकस है.’ उसने कहा,‘मैं पहले अभ्यास शुरू करूंगी क्योंकि जीत की भूख मरी नहीं है. मैं दुबई सुपर सीरीज फाइनल्स के लिए क्वालीफाई करना चाहती हूं.’

कोपेनहेगन विश्व चैम्पियनशिप 2014 में हारने के बाद गोपीचंद से अलग हुई साइना ने कहा कि कोर्ट के बाहर उसकी रणनीति काम नहीं कर रही थी और वह चीन की लि शुरूइ जैसे शीर्ष खिलाड़ियों से हार रही थीं. साइना ने कहा कि उसने कल से हैदराबाद में अभ्यास शुरू कर दिया लेकिन पैर में दर्द के कारण वह सात सितंबर से पूर्ण अभ्यास शुरू करेंगी. यह पूछने पर कि क्या बेंगलुरू में विमल कुमार के साथ अभ्यास करते हुए उसे घर की याद सता रही थी, उन्‍होंने कहा,‘ऐसा नहीं है लेकिन हैदराबाद में चीजें मेरे लिये ज्यादा आसान हैं,’

वीडियो : साइना नेहवाल ने पीएम को भेंट किया रैकेट

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साइना ने जरूरत के समय मदद के लिये कोच विमल कुमार को धन्यवाद दिया. उन्‍होंने कहा,‘मेरी मेहनत रंग लगाई. पिछले तीन साल में विमल सर ने मुझ पर काफी मेहनत की.’साइना नेहवाल तीन साल पहले यहां प्रकाश पादुकोण अकादमी में आ गई थीं. विमल कुमार के कोच रहते वह अप्रैल 2015 में दुनिया की नंबर एक खिलाड़ी बनी और 2015 विश्व चैम्पियनशिप में रजत पदक जीता.