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EXCLUSIVE: सायना में और 3-4 साल टॉप क्लास बैडमिंटन खेलने का दम- कोच विमल कुमार

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EXCLUSIVE: सायना में और 3-4 साल टॉप क्लास बैडमिंटन खेलने का दम- कोच विमल कुमार

सायना नेहवाल की फाइल तस्वीर

नई दिल्ली: रियो ओलिंपिक के बाद से घुटने की सर्जरी से उबरने की कोशिश कर रहीं सायना नेहवाल बैडमिंटन सर्किट पर खुद को फिर से स्थापित करने की कोशिश कर रही हैं. मकाउ ओपन ग्रां प्री में दो राउंड जीत कर सायना का आत्मविश्वास भी बढ़ा है. पूर्व ऑल इंग्लैंड चैंपियन और वर्ल्ड चैंपियनशिप के पदक विजेता प्रकाश पादुकोण की तरह कोच विमल कुमार भी मानते हैं कि सायना नेहवाल फिर से वर्ल्ड नंबर 1 बन सकती हैं.

NDTV संवाददाता विमल मोहन से खास बातचीत में सायना के कोच विमल कुमार ने बताया कि वो सायना के नतीजों पर ध्यान नहीं दे रहे, क्योंकि वो अभी अपनी काबिलियत का 60 फ़ीसदी ही कोर्ट पर प्रदर्शन कर रही हैं.

सवाल : सायना मकाउ ओपन में संघर्ष करती हुई जीत हासिल कर रही हैं, क्या वो पूरी तरह फ़िट हो गई हैं?
विमल कुमार: सायना की रिकवरी अच्छी हुई है. लेकिन पूरी तरह फ़िट होने में उन्हें अभी वक्त लगेगा. बिग स्टेज पर खेलने के लिए सायना के पास अभी स्टेमिना और स्ट्रेंथ (ताक़त) की कमी है. उन्हें पूरी तरह ठीक होने में अभी कम से कम 3 महीने का वक्त लगेगा. मुझे इस बात की खुशी है कि उनका घुटना ठीक नज़र आ रहा है. इस तरह के टूर्नामेंट
वो मैच प्रैक्टिस के लिए खेल रही हैं. इन टूर्नामेंट में खेलने वाले खिलाड़ी भी चालाक और अच्छे (ट्रिकी) होते हैं. आप देखें, समीर वर्मा ने हांग कांग ओपन सुपर सीरीज़ का फ़ाइनल खेला लेकिन यहां पहले राउंड में हार गए. मुझे खुशी होगी कि वो इसी तरह कंसिस्टेंट होकर खेलती रहें. सबसे अहम बात ये है कि उन्हें घुटने में दर्द नहीं हो रहा. इन मैचों के नतीजों को लेकर मैं फ़िक्रमंद नहीं हूं.

सवाल : क्या प्रकाश पादुकोण की तरह आप भी मानते हैं कि सायना फिर से वर्ल्ड नंबर 1 बन सकती हैं?
विमल कुमार: वो पहले वर्ल्ड नंबर 1 रह चुकी हैं. रियो ओलिंपिक से पहले उन्होंने ऑस्ट्रेलियन ओपन सुपर सीरीज़ का ख़िताब जीता. ऐसे लम्हें खिलाड़ियों के जीवन में आते ही हैं. जो खिलाड़ी हैं या खेल को समझते हैं वो ही ये बात समझ सकते हैं. इन दिनों कई चीनी खिलाड़ी रिटायर हो रही हैं. रैटचेननॉक इंटेनॉन (थाईलैंड) और ली ज़ुएरेई (चीन) को भी इंजरी है. यिहान वैंग (चीन) रिटायर हो चुकी हैं. इसलिए टॉप 10 खिलाड़ियों में एक बड़ा वैक्युम (रिक्तिता) आ गया है. इन हालात में मुझे लगता है सायना यकीनन वर्ल्ड नंबर 1 बन सकती हैं.

सवाल : क्या इन मैचों में भी आप सायना के खेल में पहले से कोई सुधार देखते हैं?
विमल कुमार : इस वक्त मैं सुधार के बारे में बिल्कुल नहीं सोच रहा. मेरे हिसाब से सायना अपना 60 फ़ीसदी खेल ही खेल पा रही हैं. वो अपना खेल ऐसे ही बरक़रार रखती हैं. वो अपनी फ़िटनेस पर ध्यान दे पाती हैं, कोर्ट पर अपना खेल कायम रख पाती हैं यही बड़ी बात होगी.

सवाल : सायना ने इंजरी से उबरते हुए एक इंटरव्यू में कहा कि वो खुद के करियर के ढलान पर महसूस करती हैं, क्या आप इससे इत्तेफ़ाक रखते हैं?
विमल कुमार : देखिए, खिलाड़ियों को इंजरी होती है तो वो ऐसा सोचने लगते हैं. वो रियो में हार गईं. बड़ी इंजरी हो गई तो ऐसा सोचना लाज़िमी है. इस दौर से कई खिलाड़ी गुजरे हैं और वो ऐसा सोचने लगते हैं. वो जैसे-जैसे फ़िट होंगी और जीतेंगी उनका हौसला बढ़ने लगेगा. मुझे लगता है उनमें कम से कम और 3-4 साल टॉप क्लास बैडमिंटन खेलना दम (माद्दा) है.


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