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विश्‍व बैडमिंटन संघ के कार्यक्रम से साइना नेहवाल और कैरोलिना मॉरिन इसलिए हैं नाराज..

रियो ओलिंपिक की स्वर्ण पदक विजेता कैरोलिना मॉरिन और देश की दिग्‍गज महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने विश्‍व बैडमिटन संघ (बीडब्ल्यूएफ) के व्यस्त कार्यक्रम पर निराशा जताई है.

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विश्‍व बैडमिंटन संघ के कार्यक्रम से साइना नेहवाल और कैरोलिना मॉरिन इसलिए हैं नाराज..

साइना ने विश्‍व बैडमिटन संघ के व्‍यस्‍त कार्यक्रम पर नाराजगी जताई है (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. कहा, सुपरसीरीज टूर्नामेंट हर सप्‍ताह होते हैं
  2. इसके बजाय 5 हफ्ते के ग्रैंडस्‍लैम टूर्नामेंट हों
  3. चोटिल होने पर खिलाड़ी को उबरने में लगता है वक्‍त
नई दिल्ली:

रियो ओलिंपिक की स्वर्ण पदक विजेता कैरोलिना मॉरिन और देश की दिग्‍गज महिला बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल ने विश्‍व बैडमिटन संघ (बीडब्ल्यूएफ) के व्यस्त कार्यक्रम पर निराशा जताई है. इन प्‍लेयर्स की नाराजगी बैडमिंटन की सुपरसीरीज प्रतियोगिताओं के लगातार आयोजन को लेकर है. बुधवार को प्रीमियर बैडमिंटन लीग (पीबीएल) के तीसरे सीजन के आधिकारिक लांच पर संवाददाताओं से बात करते हुए इन दोनों खिलाड़ि‍यों ने अपने विचार जाहिर किए. साइना ने कहा कि बैडमिंटन में कई सुपरसीरीज प्रतियोगिताओं की बजाए पांच सप्ताह के ग्रैंडस्लैम टूर्नामेंट होने चाहिए, क्योंकि सुपरसीरीज प्रतियोगिताएं विश्‍वभर में हर सप्ताह होती हैं. ओलिंपिक खेलों की कांस्य पदक विजेता साइना ने कहा, "एक खिलाड़ी होने के नाते, मैं निश्चित तौर पर यह कह सकती हूं कि एक के बाद एक टूर्नामेंट खेलना आसान नहीं. अगर आप चाहते हैं कि बैडमिटन की तरह टूर्नामेंट हों, तो पांच सप्ताह वाले सालभर में चार से पांच ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट होने चाहिए, जिनकी पुरस्कार राशि भी अधिक हो."

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अंतर्राष्ट्रीय टूर्नामेंटों के बीच भारतीय खिलाड़ियों पर राष्ट्र स्तरीय मुकाबले खेलने के दबाव के बारे में हैदराबाद की बैडमिंटन खिलाड़ी साइना ने कहा, "बीडब्ल्यूएफ के कार्यक्रम को देखा जाए, तो राष्ट्रीय प्रतियोगिता अधिक दबाव नहीं डालती हैं. राष्ट्रीय प्रतियोगिता तीन दिन की होती हैं, वहीं सुपरसीरीज मुकाबले पांच दिन तक चलते हैं." साइना ने कहा, "आपको इन टूर्नामेंटों के दौरान होने वाली यात्रा के समय को भी ध्यान में रखना पड़ता है. यह हमारे खिलाड़ियों के लिए काफी भारी होता है. अगला साल भारतीय खिलाड़ियों के लिए काफी व्यस्त होने वाला है, क्योंकि अगले साल एशियाई खेल और राष्ट्रमंडल खेल होने हैं."

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खिलाड़ियों के चोटिल होने के बारे में साइना ने कहा कि अगर कोई खिलाड़ी चोटिल होता है, तो उसे उससे उबरने के लिए काफी समय लगता है, क्योंकि आपने देखा है कि पिछले साल खेलने वाले कई खिलाड़ी इस साल अधिक प्रतियोगिताओं में नजर नहीं आए. बीडब्ल्यूएफ के कार्यक्रम पर सायना के विचारों का समर्थन करते हुए कैरोलिना ने कहा, "साइना ने जो भी कहा मैं उस बात का पूरी तरह से समर्थन करता हूं. कई ऐसे टूर्नामेंट होते हैं, जिनके कारण हमारे पास चोट से उबरने का काफी कम समय होता है."

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स्पेनिश बैडमिंटन खिलाड़ी कैरोलिना ने कहा, "मैं उनकी बातों को इसलिए भी समझ रही हूं कि स्पेनिश खिलाड़ी होने के नाते मैं एशियाई खेलों और राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा नहीं लूंगी. ऐसे में अन्य खिलाड़ियों के लिए अगला साल बहुत मुश्किल होने वाला है. इसमें कोई मदद नहीं हो सकती और इसलिए, बेहतर होगा कि अपने खेल पर ध्यान दिया जाए." गौरतलब है कि पीबीएल का तीसरा सीजन गुवाहाटी में 23 दिसम्बर से शुरू हो रहा है. इसके अलावा, नई दिल्ली, लखनऊ, चेन्नई और हैदराबाद में भी इस लीग के मैच खेले जाएंगे.  (इनपुट: एजेंसी)


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