सतीश शिवलिंगम बोले, ...तो ओलिंपिक्स में भी पदक जीत सकता है भारत

आपको बता दें कि सतीश कुमार भारत के पहले ऐसे वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने लगातार दो बार कॉमनवेल्थ खेलों का स्वर्ण पदक जीता है

सतीश शिवलिंगम बोले, ...तो ओलिंपिक्स में भी पदक जीत सकता है भारत

सतीश शिवलिंगम

खास बातें

  • स्वर्ण पदक विजेता ने कहा, भारत ने वेटलिफ्टिंग में छोड़ी गहरी छाप
  • 'मेरी पिछले सालों की मेहनत कामयाब रही'
  • वेटलिफ्टरों को और सुविधाएं दिए जाने की जरुरत
नई दिल्ली:

शुक्रवार को कॉमनवेल्थ खेलों के तीसरे दिन भारत को तीसरा स्वर्ण पदक दिलाने वाले वेटलिफ्टर सतीश शिवलिंगम ने कहा है कि भारत टोक्यो ओलिंपिक में वेटलिफ्टिंग में पदक जीतने का दम रखता है. आपको बता दें कि सतीश कुमार भारत के पहले ऐसे वेटलिफ्टर हैं, जिन्होंने लगातार दो बार कॉमनवेल्थ खेलों का स्वर्ण पदक जीता है. सतीश ने 77 किग्रा भार वर्ग में 317 किग्रा भार वजन उठाकर स्वर्ण पदक जीता. 
 

एनडीटीवी से फोन पर हुई खास बातचीत में सतीश शिवलिंगम ने कहा कि मैं इस पदक जीतकर बहुत ही खुश हूं क्योंकि मैं अपनी जांघ की चोट के चलते पदक की उम्मीद को पूरी तरह छोड़ चुका था. चोट से आलम कुछ ऐसा था कि रोज-मर्रा जिंदगी में भी सही ढंग से बैठना और चलना दूभर हो गया था. उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय चैंपियनशिप के दौरान क्लीन एंड जर्क में लिफ्ट के दौरान मैं चोटिल हो गया था. मुझे बहुत ही ज्यादा दर्द था. हर किसी ने मेरी देखभाल की. मुझे उम्मीद दी, लेकिन मुझे खुद पर भरोसा नहीं हो रहा था. 
 
सतीश ने कहा कि गोल्ड कोस्ट में भी मैं जरूरी फिटनेस के स्तर के अभाव में मैंने हिस्सा लिया. सतीश ने कहा कि मैंने राष्ट्रकुल खेलों के लिए अपनी सर्वश्रेष्ठ मेहनत नहीं की थी. और मेरा शरीर भी पूरी तरह से तैयार नहीं था. ऐसे में मैं कैसे पदक की उम्मीद कर सकता था. उन्होंने कहा कि इस स्वर्ण के बाद मुझे नए सिरे से यह भरोसा मिला है कि मैं एशियाई खेलों में भी बेहतर कर सकता हूं. इसकी एक वजह यह भी है कि कॉमनवेल्थ खेलों और एशियाड में अच्छा खासा अंतर है. इससे पहले सीडब्ल्यूजी खत्म होने के बीस-पच्चीस दिन बाद ही एशियाई खेल का आयोजन होता था. इसकी वजह से हमें तैयारी का समय नहीं मिल पाता था. लेकिन इस बार मुझे बेहतर तैयारी करने और पूरी फिटनेस हासिल करने का मौका मिलेगा.

यह भी पढ़ें: CWG 2018: आखिरी 8 सेकेंड में भारत हॉकी में पाकिस्तान से ड्रॉ झेलने पर मजबूर

सतीश शिवलिंगम ने कहा कि यह अच्छी बात है कि सीमित संसाधनों के बावजूद भारतीय वेटलिफ्टरों ने गोल्ड कोस्ट में अपनी छाप छोड़ी है. और दुनिया को यह मैसेज दिया है कि वह भारत को बिल्कुल भी हल्के में न लें. 

VIDEO: कुछ दिन पहले ही भारतीय हॉकी कप्तान मनप्रीत सिंह ने एनडीटीवी से बात की. 
शिवलिंगम ने कहा कि कुछ और प्रयास करने पर भारत टोक्यो में साल 2020 में होने वाले ओलिंपिक्स खेलों में स्वर्ण पदक जीत सकता है, लेकिन इसके लिए वेटलिफ्टरों को और सुविधाएं प्रदान करने और उनकी हौसलाअफजाई किए जाने की जरुरत है. 

 

 

 
Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com