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रियो ओलिंपिक से पहले अस्थाई रूप से निलंबित इंद्रजीत सिंह का डोप मामला नाडा के अनुशासन पैनल को भेजा गया...

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रियो ओलिंपिक से पहले अस्थाई रूप से निलंबित इंद्रजीत सिंह का डोप मामला नाडा के अनुशासन पैनल को भेजा गया...

शॉट पटर इंद्रजीत सिंह को प्रतिबंधित पदार्थ लेने का दोषी पाया गया था (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. रियो ओलिंपिक से पहले इंद्रजीत का डोप टेस्ट आया था पॉजिटिव
  2. उनसे पहले नरसिंह यादव के रूप में भारत को पहला झटका लगा था
  3. इंद्रजीत पर अस्थाई प्रतिबंध लगाया गया था, अब इस पर सुनवाई होगी
नई दिल्ली:

पहलवान नरसिंह यादव के डोप टेस्ट में फेल हो जाने के बाद रियो ओलिंपिक की भारतीय उम्मीदों को उस वक्त दूसरा बड़ा झटका लगा था, जब शॉटपटर इंद्रजीत सिंह भी डोप टेस्ट में फेल हो गए थे. उस समय सूत्रों ने NDTV को बताया था कि इंद्रजीत सिंह को एंड्रोस्टेरॉन और इटियोकोलैनोलोन नामक द्रव्यों के लिए पॉजिटिव पाया गया है. इसके बाद पिछले साल जुलाई में डोपिंग नियमों के उल्लंघन के लिए उन पर अस्थाई रूप से निलंबित कर दिया गया था. अब इस मामले पर राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने सोमवार को कहा है कि इंदरजीत सिंह के भविष्य पर फैसला उसका डोपिंग रोधी अनुशासन पैनल करेगा.

इंद्रजीत सिंह का 22 जून को लिया गया मूत्र का नमूना पॉजिटिव पाया गया था जिसके बाद उन्हें रियो ओलिंपिक में हिस्सा लेने से रोक दिया गया था. पहलवान नरसिंह यादव की तरह उन्होंने भी आरोप लगाया था कि शायद उनके नमूने के साथ छेड़छाड़ की गई हो. वर्ष 2015 के एशियाई चैम्पियन ने नाडा से बी नमूना भारत के बाहर किसी अन्य प्रयोगशाला में जांचने को कहा था क्योंकि उन्हें सरकार से मान्यता प्राप्त प्रयोगशाला पर विश्वास नहीं था.

हालंकि उनके इस अनुरोध को ठुकरा दिया गया था लेकिन निष्पक्षता सुनिश्चित करने के लिए हाल में उनके बी नमूने की जांच स्वतंत्र पर्यवेक्षक की मौजूदगी में की गई और सूत्रों के अनुसार यह भी पॉजिटिव आया है. संभवतः इसीलिए अब उनके मामले को अनुशासन पैनल को भेजा गया है.


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नाडा ने अपने मासिक ‘न्यूजलेटर’ में कहा कि इंद्रजीत अस्थाई रूप से निलंबित हैं और डोप नियम उल्लंघन का मामला जनवरी 2017 में डोपिंग रोधी अनुशासन पैनल को भेज दिया गया था. नाडा ने कहा कि कबड्डी खिलाड़ी मंगेश भगत, पावरलिफ्टिंग से जुड़े भारत भूषण और एथलीट महेश काले को भी डोपिंग के कारण अस्थाई तौर पर निलंबित किया गया है और उनके मामले को भी अनुशासन पैनल के पास भेजा गया है. इसमें यह भी बताया गया है कि सुनवाई के बाद चार खिलाड़ियों एथलीट गौरव यादव, लंबी कूद के पैरा खिलाड़ी जगसीर सिंह, हैंडबाल के तेजवीर सिंह और तैराक सुब्रत नंदी पर चार-चार साल का प्रतिबंध लगाया गया है.

इंद्रजीत सिंह देश के उन एथलीटों में शामिल हैं, जो राष्ट्रीय कैम्पों में ट्रेनिंग नहीं लेते हैं. वह आमतौर पर अपने निजी कोच के साथ खुद ही ट्रेनिंग करते हैं. इंद्रजीत सिंह पिछले साल एशियाई चैम्पियनशिप, एशियन ग्रां प्री और वर्ल्ड यूनिवर्सिटी गेम्स में स्वर्ण पदक जीत चुके हैं.



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