NDTV Khabar

यूएस ओपन चैंपियन राफेल नडाल और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली में है यह समानता

क्‍या आप जानते हैं कि स्‍पेन के नडाल और टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने एक समानता है. ये दोनों ही खिलाड़ी मूल रूप से बाएं हाथ के खिलाड़ी नहीं थे लेकिन बाएं हाथ के खिलाड़ी के रूप में इन्‍होंने बड़ी सफलताएं हासिल की.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
यूएस ओपन चैंपियन राफेल नडाल और पूर्व भारतीय क्रिकेटर सौरव गांगुली में है यह समानता

राफेल नडाल और सौरव गांगुली दोनों नैसर्गिक रूप से बाएं हाथ के खिलाड़ी नहीं हैं (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. ये दोनों ही नैसर्गिक रूप से बाएं हाथ के खिलाड़ी नहीं हैं
  2. भाई की बैटिंग किट प्रयोग करने के लिए सौरव बने लेफ्ट हैंडर
  3. राफेल ने कोच की सलाह पर बाएं हाथ से खेलना शुरू किया
नई दिल्‍ली: स्‍पेन के राफेल नडाल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए वर्ष के अंतिम ग्रैंडस्‍लैम यूएस ओपन का पुरुष वर्ग का खिताब अपने नाम कर लिया है. नडाल का यह करियर का तीसरा यूएस ओपन और कुल मिलाकर 16वां ग्रैंडस्‍लैम खिताब है. स्‍पेन के नडाल को वैसे तो क्‍ले कोर्ट का विशेषज्ञ खिलाड़ी माना जाता है लेकिन वे हर तरह के सरफेस पर कमाल का प्रदर्शन करते हैं. नडाल कोर्ट पर इतने तीखे शॉट लगाते हैं कि विपक्षी खिलाड़ी देखते ही रह जाता है. क्‍या आप जानते हैं कि स्‍पेन के नडाल और टीम इंडिया के पूर्व क्रिकेटर सौरव गांगुली ने एक समानता है. ये दोनों ही खिलाड़ी मूल रूप से बाएं हाथ के खिलाड़ी नहीं थे लेकिन बाएं हाथ के खिलाड़ी के रूप में इन्‍होंने बड़ी सफलताएं हासिल की.

यह भी पढ़ें :रवि शास्‍त्री को कोच बनाने पर सौरव गांगुली को था ऐतराज : सूत्र

टीम इंडिया के पूर्व कप्‍तान सौरव गांगुली दायें हाथ से लिखते हैं. वह गेंदबाजी भी दाएं हाथ से करते हैं. सौरव ने जब बचपन में क्रिकेट खेलना प्रारंभ किया था तो केवल इसलिए बाएं हाथ से बल्‍लेबाजी शुरू की ताकि अपने भाई की क्रिकेट किट इस्‍तेमाल कर सके.गौरतलब है कि सौरव के बड़े भाई स्‍नेहाशीष बाएं हाथ के बल्‍लेबाज थे. स्‍नेहाशीष पश्चिम बंगाल के लिए प्रथम श्रेणी क्रिकेट खेल चुके हैं. भाई की बल्‍लेबाजी किट का इस्‍तेमाल करने के लिए ही सौरव ने बाएं हाथ से बैटिंग शुरू की और जल्‍द ही इसमें महारत हासिल कर ली. इसके बाद तो बाएं हाथ से बल्‍लेबाजी करना ही सौरव गांगुली की पहचान बन गया. वे लेफ्ट हैंड से बैंटिंग करते है और दाएं हाथ से बॉलिंग. कुछ ऐसा ही राफेल नडाल के साथ है. राफेल ने अपने चाचा टोनी नडाल की देखरेख में टेनिस खेलना शुरू किया.

यह भी पढ़ें : स्‍पेन के राफेल नडाल बने यूएस ओपन चैंपियन

टिप्पणियां
टोनी टेनिस के पेशेवर खिलाड़ी रहे है. उन्‍होंने 3 साल की कच्‍ची उम्र में ही राफेल को कोर्ट ले जाना शुरू कर दिया. टोनी की पारखी निगाहों ने राफेल की प्रतिभा को जल्‍द ही पहचान लिया. टोनी ने इस बात को नोटिस किया कि राफेल दोनों हाथों का इस्‍तेमाल करते हुए बेहद तीखे फोरहैंड शॉट लगाते हैं. उन्‍होंने इस बात को महसूस कर लिया कि राफेल दोनों हाथों से खेलने में माहिर हैं. ऐसे में उन्‍होंने अपने भतीजे को बाएं हाथ से खेलने के लिए प्रोत्‍साहित किया. चाचा के कहने पर राफेल ने बाएं हाथ से टेनिस खेलना प्रारंभ किया और सफलता की ऊंचाई चढ़ते गए.

वीडियो : ऑस्‍ट्रेलियन ओपन में फेडरर की बादशाहत 
स्‍पेन के राफेल नडाल के जीवन से जुड़ी खास बातें

1. राफेल का जन्‍म 3 जून 1986 को स्‍पेन के मर्लोका में हुआ. तीन साल की उम्र में चाचा टोनी के मार्गदर्शन में टेनिस खेलना प्रारंभ किया.
2.आठ साल के उम्र में ही राफेल ने अंडर-12 वर्ग की रीजनल टेनिस चैंपियनशिप जीत ली. 12 वर्ष की उम्र में उन्‍होंने इस आयुवर्ग के स्‍पेनिश और यूरोपियन टेनिस खिताब जीत लिए. 15 वर्ष की उम्र में राफेल पेशेवर टेनिस खिलाड़ी बने.
3. 16 वर्ष की उम्र में विंबलडन के बालकों के सिंगल्‍स वर्ग के सेमीफाइनल तक पहुंचे. 17 वर्ष की उम्र में वे बोरिस बेकर के बाद विंबलडन के तीसरे राउंड में पहुंचने वाले सबसे कम उम्र के खिलाड़ी बने.
4.19 वर्ष की उम्र में नडाल ने वर्ष 2005 में फ्रेंच ओपन खिताब जीता. विश्‍व रैंकिंग में वे तीसरे स्‍थान तक पहुंच गए. इस वर्ष राफेल ने 11 सिंगल्‍स खिताब जीते जिसमें से आठ क्‍लेकोर्ट पर जीते. उन्‍हें क्‍लेकोर्ट का बादशाह कहा जाने लगा.
5.रविवार, 10 सितंबर 2017 को तीसरी बार यूएस ओपन खिताब जीता. अब तक वे 16 ग्रैंडस्‍लैम खिताब जीत चुके हैं. इसमें 10 फ्रेंच ओपन खिताब शामिल हैं.


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement