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एक बार फिर विंबलडन में होगी पुरुष वर्ग के टॉप 4 खिलाड़ियों में कांटे की टक्कर...

ग्रास कोर्ट का इकलौता ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट विंबलडन सोमवार से शुरू होगा. पुरुषों में एंडी मरे, नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे नाम खिताब की रेस में हैं.

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एक बार फिर विंबलडन में होगी पुरुष वर्ग के टॉप 4 खिलाड़ियों में कांटे की टक्कर...

विंबलडन में एक बार फिर राफेल नडाल और रोजर फेडरर का दम देखने को मिलेगा...

नई दिल्ली: ग्रास कोर्ट का इकलौता ग्रैंड स्लैम टूर्नामेंट विंबलडन सोमवार से शुरू होगा. पुरुषों में एक ओर एंडी मरे, नोवाक जोकोविच, रोजर फेडरर और राफेल नडाल जैसे नाम खिताब की रेस में हैं, तो महिला वर्ग में सेरेना विलियम्स के नहीं होने से किसी की दावेदारी पर कोई दांव नहीं लगा रहा है. पिछले 14 साल से फेडरर, नडाल, जोकोविच और मरे के अलावा किसी और ने विंबलडन का खिताब नहीं जीता है. जाहिर है इस बार भी ये चार बड़े नाम खिताब की दौर में सबसे आगे रहेंगे.

फेडरर-नडाल का दम
साल की शुरुआत में किसी ने नहीं सोचा होगा कि फेडरर 2012 के बाद कोई ग्रैंड स्लैम खिताब जीत सकेंगे, लेकिन चोट से वापसी करते हुए फेडरर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन जीता. अपने करियर का 18वां ग्रैंड स्लैम जीतने के बाद उन्होंने टेनिस से ब्रेक लिया और ग्रास कोर्ट टूर्नामेंट हाले (Halle) ओपन में खिताब जीतकर विंबलडन के लिए अपनी दावेदारी मजबूती से पेश कर दी है. फेडरर यहां रिकॉर्ड आठवीं बार विंबलडन जीतने के लिए कोर्ट में उतरेंगे.

फेडरर ने अपनी दावेदारी पर कहा, 'मेरा लक्ष्य विंबलडन के लिए 100 फीसदी फिट रहना रहा और मैं अपने लक्ष्य में सफल रहा हूं. यहां फेवरेट कौन है इससे मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता. नडाल शानदार खेल रहे हैं भले ही पिछले कुछ दिनों में ग्रास कोर्ट पर उनका रिकॉर्ड अच्छा नहीं रहा है लेकिन वो अभ्यास मैच खेल रहे हैं. ऐसे में नडाल को हराना मुश्किल होगा.'

नडाल को भले ही क्ले कोर्ट का बादशाह कहा जाता रहा हो, लेकिन ग्रास कोर्ट पर भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा है. नडाल ने 2 बार विंबलडन जीता है और 3 बार फाइनल खेल चुके हैं. वर्ल्ड रैंकिंग में नंबर 2 खिलाड़ी नडाल ने हाल ही में 10वीं बार फ्रेंच ओपन जीतकर अपनी दावेदारी पेश कर चुके हैं.

नडाल कहते हैं, 'मैं जब खेलता हूं तब मेरा मनोबल हमेशा ऊंचा रहता है...नहीं रहने पर नहीं खेलता. विंबलडन में खेलना हमेशा से मेरे लिए ख़ास रहा है. जब मैंने टेनिस खेलना शुरू किया तब से मेरे लक्ष्य विंबलडन में अच्छा खेलना रहा है.'

जोकोविच-मरे की चुनौती
एंडी मरे को अपनी वर्ल्ड नंबर एक रैंकिंग बचने के लिए कड़ी मेहनत करनी होगी. पीठ की तकलीफ से उबरने की कोशिश में लगे मरे खुद को फिट घोषित कर चुके हैं. मरे ने कहा, 'मैं खेलने के लिए तैयार हूं और सात मैच खेल सकता हूं, अगर ज़रूरत पड़ी तो दर्द की दवा लेकर भी मैं खेलूंगा.'

वहीं जोकोविच 3 बार विंबलडन का ताज पहन चुके हैं, लेकिन पिछले कुछ समय से इस पूर्व वर्ल्ड नंबर एक खिलाड़ी का फॉर्म कुछ अच्छा नहीं रहा है. जोकोविच ने अपने कोच के तौर पर आंद्रे अगासी को नियुक्त किया है. अगासी को भरोसा है कि जोकोविच विंबलडन जीत सकते हैं और वर्ल्ड नंबर की रैंकिंग भी फिर से हासिल कर सकते हैं. ईस्टबॉर्न टूर्नामेंट में जीत हासिल करने के बाद जोकोविच के मनोबल में इजाफा भी हुआ है.


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