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बनारस में दमखम दिखा रहीं महिला पलहवान, फ्रीडम यादव ने पूजा को पछाड़ा

कुश्ती में बनारस की पूजा यादव को हराकर गाजीपुर की फ्रीडम यादव ने बनारस केशरी का खिताब हासिल किया

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बनारस में दमखम दिखा रहीं महिला पलहवान, फ्रीडम यादव ने पूजा को पछाड़ा

खास बातें

  1. कुश्ती के फाइनल राउंड में पुरुषों में मुकेश कुमार जीते
  2. 46 किलोग्राम भार वर्ग में रजवारी की अंशु यादव प्रथम रहीं
  3. वाराणसी के अस्सी घाट पर चल रहे तीन दिवसीय कुश्ती चैम्पियनशिप
वाराणसी:

वाराणसी के अस्सी घाट पर चल रहे तीन दिवसीय कुश्ती चैम्पियनशिप के समापन में पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी पहली बार अपना दम-खम दिखाया. कुश्ती के फाइनल राउंड में पुरुषों में मुकेश कुमार तो महिलाओं में फ्रीडम यादव ने बनारस केशरी का पदक हासिल किया.

वाराणसी में तुलसी घाट पर गंगा के किनारे कुश्ती के दाव पेंच दिखातीं महिला पहलवान नजर आईं. फाइनल मैच में बनारस की पूजा यादव और गाजीपुर की फ्रीडम यादव के बीच कुश्ती के हर दांव की आजमाइश हुई. बनारस में पहली बार इस तरह के हो रहे दंगल में दो-दो हाथ करने जुटी महिला पहलवानों की कुश्ती देखने के लिए घाट पर बड़ी संख्या में लोग जुटे थे, जो इनके हर दांव पर दाद देते नजर आए. और अंत मे फ्रीडम यादव ने कुश्ती जीतकर महिलाओं का बनारस केशरी का खिताब अपने नाम किया. महिला पहलवान ने इसका श्रेय अपने कोच को दिया. फ्रीडम यादव ने कहा कि मैं आज बहुत खुश हूं. बनारस केशरी बनकर अब और ज़्यादा मेहनत करके भारत केशरी बनूंगी.  

इस प्रतियोगिता में महिलाओं के अन्य भार वर्ग के मुकाबलों में 46 किलोग्राम भार वर्ग में रजवारी की अंशु यादव प्रथम रहीं. पलक यादव द्वितीय तथा प्रिया तीसरे स्थान पर रहीं.  बनारस के अस्सी घाट पर स्थित संकटमोचन मंदिर के महंत अमरनाथ मिश्र की स्मृति में तुलसीघाट पर चल रहे इस तीन दिवसीय कुश्ती चैम्पियनशिप में पहली बार महिला बनारस केशरी के लिए पहलवान भिड़ीं.

 
varanasi woman wretling

पूजा यादव भले ही फ्रीडम यादव से हारकर दूसरे स्थान पर रहीं लेकिन पूजा हारकर भी इस बात की जीत मानती हैं कि इससे लड़कियों को एक नया मुकाम मिलेगा. पूजा बड़ी हसरत से बताती हैं कि हम जिस गांव के हैं, हमारे घर के लोग छूट दिए हैं. हम चाहते हैं कि गांव से लड़कियां निकलें, लेकिन लोग कैद किए हुए हैं.

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पूजा  इस दंगल में तो अपना पूरा दम दिखा रही हैं पर समाज में उन जैसी लड़कियों के लिए भी वे एक लड़ाई लड़ रही हैं. कुश्ती चैम्पियनशिप का आयोजन कर रहे लोग भी पूजा और दूसरी पहलवानों की इन भावनाओं के साथ हैं और मानते हैं कि इस चैम्पियनशिप में लड़कियों की भागीदारी से बनारस के कुश्ती इतिहास में एक नए अध्याय की शुरुआत हुई है. अब लड़कियां तो पुरुष पहलवानों को पछाड़ते हुए नजर आ रही हैं. फ्रीडम और पूजा दोनों नेशनल खिलाड़ी तो हैं ही लेकिन इंटरनेशनल कुश्ती में भी वे भाग ले चुकी हैं.



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