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पीवी सिंधु ने कहा, 'वर्ल्‍ड चैम्पियनशिप के फाइनल की हार मेरे दिमाग में जरा भी नहीं थी'

टीम इंडिया की शीर्ष शटलर पीवी सिंधु ने कहा है कि जब वह यहां कोरिया ओपन के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराने की रणनीति बना रही थीं तो विश्व चैम्पियनशिप का फाइनल उनके दिमाग में नहीं चल रहा था.

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पीवी सिंधु ने कहा, 'वर्ल्‍ड चैम्पियनशिप के फाइनल की हार मेरे दिमाग में जरा भी नहीं थी'

पीवी सिंधु वर्ल्‍ड चैंपियनशिप के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा से हार गई थीं (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में नोजोमी से मिली हार का बदला चुकाया
  2. कहा, पहले गेम का रुख बदलते हुए मैंने इसमें जीत हासिल की
  3. इस मुकाबले में भी कोई भी आसानी से हार मानने को नहीं था तैयार
सोल: टीम इंडिया की शीर्ष शटलर पीवी सिंधु ने कहा है कि जब वह यहां कोरिया ओपन के फाइनल में जापान की नोजोमी ओकुहारा को हराने की रणनीति बना रही थीं तो विश्व चैम्पियनशिप का फाइनल उनके दिमाग में नहीं चल रहा था. ओकुहारा के खिलाफ लगातार फाइनल खेल रही ओलंपिक रजत पदकधारी सिंधुने इस जापानी खिलाड़ी को 22-20 11-21 20-18 से हराकर विश्व चैम्पियनशिप में मिली हार का बदला चुकता किया. सिंधु ने कहा कि वर्ल्‍ड चैंपियनशिप फाइनल में जापानी खिलाड़ी से मिली हार की बात मैंने अपने दिमाग में जरा भी नहीं आने दी.सिंधु से जब पूछा कि क्या उनके दिमाग में विश्व चैम्पियनिशप का फाइनल था तो उन्होंने पत्रकारों से कहा, ‘मैं विश्व चैम्पियनशिप में 19-17 से आगे होने के बावजूद हार गई थी. हालांकि लंबी रैलियां हुईं लेकिन मेरे दिमाग में वह मैच नहीं चल रहा था. मैं खुद को कह रही थी कि अगला अंक अहम है. मुझे शटल पर नियंत्रण बनाए रखना होगा इसलिये कुछ और चीज मेरे दिमाग में नहीं थी.’

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फाइनल के बारे में बात करते हुए सिंधु ने कहा, ‘मैं विश्व चैम्पियनशिप में खेलने के बाद उससे दोबारा खेल रही थी और हर अंक थकाने वाला था. पहले गेम में हम 20-20 से बराबरी पर थी और मैंने इसका रुख बदलते हुए जीत लिया.’ उन्होंने कहा, ‘दूसरे गेम में मेरे सारे शॉट बाहर जा रहे थे, मैं शटल पर काबू नहीं कर सकी. यह काफी बड़ी बढ़त थी और अगर मैंने कोशिश भी की होती तो मैं आसानी से हार गई होती. ’

वीडियो: वर्ल्‍ड चैंपियनशिप में सिल्‍वर जीतकर देश लौटीं सिंधु
सिंधु ने कहा, ‘तीसरे गेम में हर अंक अहम था, मैं हालांकि 11 अंक से बढ़त बनाए थी लेकिन उसने वापसी की और 11 अंक के बाद प्रत्येक अंक बड़ी रैली रहा जैसा कि विश्व चैम्पियनशिप में था और कोई भी हार नहीं मान रहा था.’ सिंधू और ओकुहारा के लगातार फाइनल में भिड़ने से काफी उम्मीदें लग गई हैं कि ये दोनों अगले हफ्ते होने वाली जापान सुपर सीरीज प्रीमियर में भी एक दूसरे के आमने सामने हो सकती हैं. (इनपुट: भाषा)


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