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यूपी में आंधी तूफान से 45 की मौत, आगरा में अकेले 36 लोगों की गई जान

राजस्‍थान में ही नहीं बुधवार को आंधी-तूफ़ान की वजह से यूपी में भी काफी नुकसान पहुंचा है. यहां तूफान के वजह से 40 से 50 लोगों की मौत हुई है.

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यूपी में आंधी तूफान से 45 की मौत, आगरा में अकेले 36 लोगों की गई जान

फाइल फोटो

खास बातें

  1. आंधी-तूफ़ान की वजह से यूपी में भी काफी नुकसान पहुंचा है
  2. तूफान के वजह से 40 से 50 लोगों की मौत हुई है
  3. सीएम ने प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं
लखनऊ:

राजस्‍थान में ही नहीं बुधवार को आंधी-तूफ़ान की वजह से यूपी में भी काफी नुकसान पहुंचा है. पूरे राज्य में 45 लोगों की मौत हुई है.  सबसे बुरा हाल आगरा का है. जहां 36 लोगों की मौत हो गई है. 35 लोग गंभीर रूप से घायल हैं. बिजनौर में 3, सहारनपुर में 2, बरेली, चित्रकूट, रायबरेली और उन्नाव में एक-एक लोगों की मौत हुई है. कई पशु भी हताहत हुए हैं.वहीं सीएम योगी आदित्‍यनाथ ने संबंधित जिलों के अधिकारियों को आंधी-तूफ़ान और बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं. 

 

राजस्‍थान में 'तबाही की आंधी' ने ली 27 लोगों की जान, यूपी में भी काफी नुकसान

तूफान का सबसे ज़्यादा असर राज्य के बरेली, पीलीभीत, सहारनपुर और बिजनौर में पहुंचा है. यहां भी कुछ लोगों की मौत की ख़बर है. राज्‍य के रिवेन्‍यु और रिलीफ कमिश्‍नर संजय कुमार ने बताया कि प्रदेश में बुधवार को आए आंधी-तूफान में 40 से 50 लोगों की मौत हुई है.

 


उन्‍होंने बताया है कि सबसे ज्‍यादा आगरा जिला प्रभावित हुआ है. उन्‍होंने कहा है कि प्रभावित लोगों के पास 24 घंटे के भीतर राहत सामग्री पहुंचाई जा रही है. 
 


सीएम योगी ने जिलाधिकारियों को आंधी-तूफ़ान और बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.


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राजस्थान में बुधवार को आई आंधी और तूफ़ान ने काफ़ी नुकसान पहुंचाया है. 40 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ़्तार से चली हवाओं की वजह से राज्य के अलग-अलग हिस्सों में 27 लोगों की मौत हो गई है. तेज़ हवा की वजह से कई जगह पेड़ उखड़ कर गिर गए, जिससे बिजली के खंभों को नुक़सान पहुंचा है. लिहाज़ा अलवर में बुधवार रात से ही बिजली नहीं है.राजस्‍थान के अलग-अलग जिलों के कलेक्‍टरों के अनुसार, भरतपुर में 12 धौलपुर में 10 और अलवर में पांच लोगों की मौत हुई है. इस आंधी से सबसे ज्‍यादा प्रभावित पूर्वी हिस्‍सा हुआ है. ज़्यादातर लोगों की मौत छत गिरने या मिट्टी के मकान गिरने से हुई है. रात के वक्त आंधी तूफान आने के कारण ज़्यादातर लोग घर में ही सो रहे थे जिसके कारण मृतकों की संख्या बढ़ी है. स्टेट डिज़ास्टर रिलीफ़ फ़ोर्स को राहत के काम में लगाया गया है. एक-एक टीम भरतपुर, धौलपुर और अलवर भेजी गई हैं. 

वहीं उत्तराखंड के चमोली में बुधवार शाम बादल फटने से भारी तबाही की ख़बर है. नारायणबगड़ में कई दुकानें मलबे से पट गईं. तीन गाड़ियों के मलबे में दबने की भी ख़बर है.पीने के पानी की पाइपलाइन को भी नुकसान पहुंचा है. बारिश कम होने पर ख़ुद ही लोगों ने किसी प्रकार मलबा साफ किया. 

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला में भी बुधवार को जोरदार बारिश हुई. इतने काले बादल छाए कि दिन में अंधेरा हो गया. कई इलाकों में ओलावृष्टि भी हुई, जिससे सेब के बगीचों को नुकसान पहुंचा है. दिल्ली-एनसीआर में तेज़ आंधी के बाद हुई बारिश ने गर्मी से जूझ रहे लोगों को राहत दी है. तापमान में गिरावट से गर्मी की तपिश कुछ कम हुई है. बारिश की वजह से कुछ फ़्लाइट्स में भी देरी हुई. दिल्ली में बुधवार को अधिकतम तापमान 38 डिग्री था लेकिन बारिश के बाद तापमान घटकर 27 डिग्री के क़रीब आ गया. 



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