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प्रदूषण से परेशान होकर छह साल के छात्र ने लगाई गुहार, एनजीटी ने प्रशासन से मांगा जवाब

नन्हे छात्र अर्जुन ने पोल्ट्री फार्म द्वारा सड़कों पर डाले जाने वाले कूड़े एवं दुर्गंध से स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की

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प्रदूषण से परेशान होकर छह साल के छात्र ने लगाई गुहार, एनजीटी ने प्रशासन से मांगा जवाब

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  1. फार्म से उठने वाली बदबू से ज्यादातर बच्चे सांस संबंधी परेशानी से घिरे
  2. यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत सात पक्षकारों से जवाब तलब किया
  3. सरकारी और निजी स्कूल में करीब तीन हजार बच्चे अध्ययनरत
मेरठ: यूपी के शामली कैराना रोड स्थित हाईटेक लेयर फार्म के खिलाफ छह वर्षीय छात्र अर्जुन मलिक की याचिका पर राष्ट्रीय हरित अधिकरण (नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल) ने उत्तर प्रदेश सरकार के मुख्य सचिव, शामली के डीएम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत सात पक्षकारों से जवाब तलब किया है.
 
नन्हें अर्जुन ने पोल्ट्री फार्म द्वारा सड़कों पर डाले जाने वाले कूड़े एवं दुर्गंध से स्वास्थ्य खराब होने की शिकायत की थी. यूकेजी के इस छात्र ने पोल्ट्री फार्म की गंदगी, प्रदूषित हवा व मक्खियों से होने वाली दिक्कतों से मुक्ति दिलाने की गुहार एनजीटी से लगाई थी. जस्टिस स्वतंत्र कुमार की अध्यक्षता वाली एनजीटी पीठ ने इस मामले में सभी पक्षकारों से 31 अगस्त तक जवाब तलब किया है.
 
बच्चे की ओर से दायर याचिका में कहा गया है कि कैराना रोड स्थित मैसर्स हाईटेक लेयर फार्म लिमिटेड के आधे किलोमीटर के दायरे में सरकारी और एक निजी स्कूल है. इनमें करीब तीन हजार बच्चे पढ़ते हैं. फार्म से उठने वाली बदबू की वजह से ज्यादातर बच्चे सांस संबंधी परेशानी झेलने को मजबूर हैं.

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एनजीटी के समक्ष पेश होने वाले वकील गौरव बंसल ने बताया कि एनजीटी की पीठ ने यूपी सरकार के मुख्य सचिव, शामली डीएम और उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड समेत सात पक्षकारों से जवाब तलब किया है.

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बंसल के अनुसार एनजीटी पीठ के समक्ष उन्होंने कहा कि यूपी प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने इस मामले में पोल्ट्री फार्म को पहले नोटिस जारी किया था, क्योंकि उनके संसाधन फार्म के कचरा निपटारे के लिए समुचित नहीं हैं. स्कूल जाने वाले बच्चों और क्षेत्रीय लोगों के लिए कचरा बड़ी परेशानी बना हुआ है, क्योंकि यह स्वास्थ्य को प्रभावित करता है. वकील ने कहा कि प्रशासन को कई बार इस मामले में शिकायत भेजी गई, लेकिन कोई कदम नहीं उठाया गया.

पीठ से वकील ने कहा कि बच्चे की ओर से याचिका दायर किए जाने की वजह यह है कि स्कूल प्रशासन ने भी कई बार इस समस्या से निपटने की कोशिश की, लेकिन कोई हल नहीं निकला.

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गौरतलब है कि कैराना रोड स्थित हाईटेक पोल्ट्री फार्म में प्रदूषण को लेकर काफी समय से कई स्कूल, होटल व रिसोर्ट मालिकों के बीच कानूनी लड़ाई चल रही है. हाल ही में उप जिलाधिकारी सदर ने इस मामले की सुनवाई कर हाईटेक पोल्ट्री फार्म को प्रदूषण फैलाने का दोषी मानते हुए इसे बंद करने का आदेश दिया था. पोल्ट्री फार्म मालिक ने इसके खिलाफ अपील दायर की है.

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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