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बिजली की सौभाग्य योजना के लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों, कंपनियों की खैर नहीं

विद्युतीकरण से जुडी महात्वाकांक्षी 'सौभाग्य' योजना के लक्ष्य पूरे नहीं करने वाले अधिकारियों और कंपनियों की अबखैर नहीं है क्योंकि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा धीमी कार्यप्रगति से खासे नाराज हैं.

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बिजली की सौभाग्य योजना के लक्ष्य पूरा न करने वाले अधिकारियों, कंपनियों की खैर नहीं

फाइल फोटो

लखनऊ:

विद्युतीकरण से जुडी महात्वाकांक्षी 'सौभाग्य' योजना के लक्ष्य पूरे नहीं करने वाले अधिकारियों और कंपनियों की अबखैर नहीं है क्योंकि उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा धीमी कार्यप्रगति से खासे नाराज हैं और सख्त कार्रवाई के मूड में दिखते हैं. प्रदेश सरकार के एक प्रवक्ता ने बताया कि सौभाग्य योजना के तहत हो रहे विद्युतीकरण कार्यों की उच्च स्तरीय समीक्षा के दौरान शर्मा ने बिजली कनेक्शन के तय लक्ष्य को पूरा नहीं करने की सूरत में अधिकारियों के निलंबन की चेतावनी दी है.  

उन्होंने विलंब से कार्य कर रही कंपनियों पर पेनाल्टी लगाने को भी कहा है .    शर्मा ने कहा, ''कार्य को 10 वर्ष बाद पूरा करने की, पहले जैसी, टालने वाली मानसिकता नहीं चलेगी. समय पर कार्य पूरा करना होगा वरना कार्रवाई के लिए तैयार रहें. गलत ढंग से कार्यों को पूरा करके भुगतान लेना संभव नहीं होगा.''    उन्होंने कहा कि 'नाम बड़े और दर्शन छोटे' वाली कार्य प्रवृति अब नहीं चलेगी. सरकार की मंशा के हिसाब से कार्य करना होगा. अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं के पेंच कसते हुए शर्मा ने कहा कि सौभाग्य योजना के तहत 1.74 करोड़ बिजली कनेक्शन का लक्ष्य 31 दिसंबर 2018 तक पूरा होना चाहिए. ऐसा नहीं करने वाले अधिकारियों और कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी.

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प्रवक्ता ने कहा कि लापरवाह अधिकारियों का निलम्बन और विलंब करने वाली कम्पनियों के खिलाफ पेनाल्टी लगाने की चेतावनी शर्मा ने बैठक के दौरान दी. उन्होंने कहा कि कोई भी कम्पनी कार्यों को पूरी गुणवत्ता और समय से पूरा किए बगैर प्रदेश से बाहर नहीं जा सकेगी. मंत्री ने अधिकारियों को विद्युतीकरण कार्यों की निगरानी रोज करने, रोजाना के निर्धारित लक्ष्य को उसी दिन पूरा करने तथा इसकी रिपोर्ट प्रति दिन मुख्यालय भेजने को कहा.    


उन्होंने सभी कम्पनियों और अधिकारियों को निर्देश दिया कि विद्युतउपकरणों की गुणवत्ता से समझौता न किया जाए. उन्होंने कहा कि सभी क्षेत्रों में सर्वे कर प्रतिदिन की कार्य योजना बनाई जाए. अनाधिकृत कनेक्शन को भी कानूनी कनेक्शन में बदला जाए. उन्होंने बताया कि उत्तर प्रदेश 20.28 लाख कनेक्शन देकर देश में प्रथम स्थान पर है. मध्य प्रदेश 16.16 लाख कनेक्शन के साथ दूसरे स्थान पर तथा 15.82 लाख कनेक्शन के साथ बिहार तीसरे स्थान पर है.
 



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