अखिलेश यादव की मांग, कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को मिले होम क्वारंटीन की अनुमित

सपा नेता ने कहा, 'मरीजों को अस्पताल लाने के लिए 108 समाजवादी एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी. गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने के लिए 102 नम्बर सेवा शुरू की गई थी. इन सब सेवाओं को भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया.'

अखिलेश यादव की मांग, कोरोना के हल्के लक्षण वाले मरीजों को मिले होम क्वारंटीन की अनुमित

अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश में जो स्वास्थ्य सेवाएं हैं, वे समाजवादी सरकार की ही व्यवस्था है. भाजपा के राज में एक नया मेडिकल कॉलेज नहीं बना. (file pic PTI)

लखनऊ :

समाजवादी पार्टी (सपा)के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने रविवार को कहा कि राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमितों की संख्या थमने का नाम नहीं ले रही है. ऐसे में हल्के लक्षण वाले मरीजों को घर पर ही ''क्वारंटीन'' (पृथकवास) में रहने की अनुमति दी जानी चाहिए. अखिलेश ने एक बयान में कहा, ‘‘कोरोना के हल्के लक्षण के मरीजों को घर पर ही क्वारंटीन होने देने की अनुमति देनी चाहिए जिससे अस्पतालों में गम्भीर मरीजों के लिए बिस्तर कम न पड़े और इलाज में भी दिक्कत न हो.'' उन्होंने कहा कि अस्पतालों में कोरोना वायरस के नाम पर इन दिनों गम्भीर मरीजों को भी काफी परेशान किया जाता है. बाराबंकी के जिला महिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड में कोविड ओटी, कोविड वार्ड, कोविड प्रसवकक्ष सब में सीलन और दूसरी निर्माण सम्बंधी खामियां मिली जबकि 100 बिस्तरों के इस अस्पताल के निर्माण पर 20 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं.

सपा प्रमुख ने कहा कि लखनऊ की नामी किंग जार्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी में भी मरीजों को व्यर्थ घंटों इंतजार कराने और इलाज में लापरवाही की शिकायतें आम हैं. सीतापुर के अयोध्या के पैर में फ्रैक्चर था पर कोरोना जांच के नाम पर उसका घंटो इलाज नहीं हुआ. रायबरेली के सुमित को 19 घंटे इलाज के लिए तड़पना पड़ा. उन्होंने कहा, ''''कोरोना संकट तो है ही पर अस्पतालों में इसकी वजह से अन्य गम्भीर मरीजों का इलाज न हो, यह उचित नहीं. स्वास्थ्य विभाग को इस सम्बंध में मरीजों के लिए सुविधाजनक व्यवस्थाएं करनी चाहिए. गम्भीर मरीजों के प्रति भी सरकार की संवेदना रहनी चाहिए.''''

अखिलेश ने दावा किया कि प्रदेश में जो स्वास्थ्य सेवाएं हैं, वे समाजवादी सरकार की ही व्यवस्था है. भाजपा के राज में एक नया मेडिकल कॉलेज नहीं बना . अस्पतालों में डाक्टरों, पैरा मेडिकल स्टाफ की कमी है. समाजवादी सरकार में मुफ्त इलाज की व्यवस्था गम्भीर रोगों गुर्दे, हृदय, लीवर और कैंसर की भी थी. उन्होंने कहा कि लखनऊ में कैंसर अस्पताल भी तभी बना. प्रदेश में एमबीबीएस की सीटें दोगुनी की गईं.

मरीजों को अस्पताल लाने के लिए 108 समाजवादी एम्बुलेंस सेवा शुरू की गई थी. गर्भवती महिलाओं को अस्पताल लाने के लिए 102 नम्बर सेवा शुरू की गई थी. इन सब सेवाओं को भाजपा सरकार ने बर्बाद कर दिया. जनता की परेशानी से सरकार का कुछ लेना देना नहीं है. भाजपा अमानवीय एवं संवेदनहीन व्यवहार कर रही है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

उत्तर प्रदेश में 2 दिनों के लिए लगाया गया लॉकडाउन



(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)