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भ्रष्टाचार की जांच से तिलमिलाए अखिलेश दे रहे हैं अनर्गल बयान : केशव प्रसाद मौर्य

उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार की जांच शुरू होने से उपजी तिलमिलाहट के कारण अखिलेश ऐसे बयान दे रहे हैं.

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भ्रष्टाचार की जांच से तिलमिलाए अखिलेश दे रहे हैं अनर्गल बयान : केशव प्रसाद मौर्य

(फाइल फोटो)

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को यूपी गेट को स्थानीय राजनगर एक्सटेंशन से जोड़ने वाले 10.30 किलोमीटर लंबे एलिवेटेड रोड का उद्घाटन किया जिसके बाद सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर जुबानी तंजों के द्वारा निशाना साधा था. अब  उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव पर पलटवार करते हुए शनिवार को कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के भ्रष्टाचार की जांच शुरू होने से उपजी तिलमिलाहट के कारण अखिलेश ऐसे बयान दे रहे हैं. मौर्य ने सपा अध्यक्ष के संवाददाता सम्मेलन के कुछ देर बाद यहां संवाददाताओं से कहा कि अखिलेश अब मुख्यमंत्री नहीं हैं. अगर वह ऐसा समझते हैं तो दिमाग से निकाल दें. कोई परियोजना अगर पिछली सरकार की है तो उसे अगली सरकार आगे बढ़ाती है.

उन्होंने कहा ‘पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश अपनी सरकार के दौरान योजनाओं के लिये सैफई (अखिलेश का गांव) से धन नहीं लाये थे. उसके लिये सरकार ने धन दिया था. मौजूदा सरकार ने एक साल में जितना काम किया है वह मायावती, अखिलेश और मुलायम की सरकारों ने मिलकर भी नहीं किया.’ उन्होंने कहा कि अखिलेश अक्सर अपने बयानों में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस-वे की बात करते हैं. अगर उन्होंने उसका उद्घाटन किया था तो उसे अधूरा क्यों छोड़ा.

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शुक्रवार को मुख्यमंत्री ने गाजियाबाद में एलिवेटेड रोड का उद्घाटन किया, उस पर भी सपा अध्यक्ष को तकलीफ क्यों हुई. दरअसल, जब से पिछली सपा सरकार के भ्रष्टाचार की जांच शुरू हुई है, तब से अखिलेश की बेचैनी बढ़ गयी है, इसीलिये वह ऐसे बयान दे रहे हैं. उप मुख्यमंत्री ने कहा ‘मैं अखिलेश से सवाल करता हूं कि अगर आजम खां ने कोई गडबड़ी की है तो क्या कानून अपना काम नहीं करेगा. कानून ना तो किसी को बचाने और ना ही फंसाने की कोशिश करेगा, दोषी को बख्शा नहीं जाएगा.’ मौर्य ने कहा कि अखिलेश अपने मुख्यमंत्रित्व काल में शुरू की गयी योजनाओं के लिये केन्द्र से अनापत्ति प्रमाणपत्र (एनओसी) ना दिये जाने की अक्सर शिकायत करते हैं, लेकिन क्या उन्होंने गोमती रिवर फ्रंट के काम के लिये पर्यावरण विभाग से एनओसी ली थी.

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दरअसल अखिलेश ने अपने कार्यकाल में केन्द्र की योजनाओं को रोका था. उन्होंने आरोप लगाया कि सपा-बसपा की वजह से उत्तर प्रदेश में राजनीति का अपराधीकरण हुआ. हमारी सरकार अपराधियों से अपराधियों जैसा बर्ताव कर रही है, यह अखिलेश को बरदाश्त नहीं हो रहा है. मौर्य ने कहा कि जहां तक अपने समायोजन की मांग को लेकर प्रदेश में आंदोलनरत शिक्षा मित्रों का सवाल है तो उनके साथ सरकार की पूरी सहानुभूति है. यह अखिलेश सरकार का ‘किया धरा’ है. अगर उन्होंने शिक्षामित्रों से धोखाधड़ी नहीं की होती तो यह समस्या नहीं खड़ी होती. उन्होंने कहा कि शिक्षामित्रों का मामला उच्च न्यायालय में विचाराधीन है. हमारी सरकार पूरी पैरवी कर रही है. फैसला आने के एक महीने के अंदर हम उनकी समस्याओं पर निर्णय कर लेंगे.
 


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