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शहीद कैप्टन आयुष यादव के घर पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- 'इस परिवार का दुख बांटा नहीं जा सकता'

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शहीद कैप्टन आयुष यादव के घर पहुंचे अखिलेश यादव, कहा- 'इस परिवार का दुख बांटा नहीं जा सकता'

शहीद कैप्टन आयुष यादव के परिजनों से मिले अखिलेश यादव (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. शहीद कैप्टन आयुष यादव के घर सांत्वना देने पहुंचे अखिलेश यादव.
  2. पीड़ित परिवार को इतना बड़ा दुख सहन करने की हिम्मत मिले- अखिलेश
  3. आयुष की शहादत बेकार नहीं जाएगी- अखिलेश यादव
कानपुर: समाजवादी पार्टी के प्रमुख व उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने यहां शुक्रवार को कहा कि केंद्र सरकार की रक्षा नीति में खोट की वजह से लगातार जवानों पर हमला हो रहा है, लेकिन केंद्र की मोदी सरकार हाथ पर हाथ धरे बैठी है. देश की रक्षा नीति में बहुत सुधार की जरूरत है. अखिलेश जम्मू एवं कश्मीर के कुपवाड़ा सेक्टर में आंतकी हमले में शहीद हुए कैप्टन आयुष यादव के घर पर उनके परिजनों को सांत्वना देने पहुंचे.

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, "इस परिवार का दुख बांटा नहीं जा सकता. मैं अपनी और पार्टी की तरफ से प्रार्थना करता हूं कि पीड़ित परिवार को इतना बड़ा दुख सहन करने की हिम्मत मिले." उन्होंने कहा कि आयुष की शहादत बेकार नहीं जाएगी. पूरा देश आयुष को सलाम करता है और पीड़ित परिवार के साथ खड़ा है. अखिलेश ने कहा कि शहीद पर कोई राजनीति नहीं होनी चाहिए. आर्थिक मदद के मामले में योगी सरकार पिछली सपा सरकार की नीति को स्वीकार करे. तत्काल शहीद परिवार के लिए सहायता राशि का ऐलान करे.

उन्होंने कहा कि देश का सामाजिक सौहार्द बिगड़ रहा है. केंद्र सरकार की रक्षा नीति बेहद खराब और लचर है, इसलिए देश के अंदर और सीमा पर जवानों की जान लगातार जा रही है. देश के अंदर नक्सली हमले लगातार हो रहे हैं और सीमा तथा सीमा के पास आतंकी हमलों में सेना के जवान लगातार शहीद हो रहे हैं.

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पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले सुकुमा में हमारे जवान मारे गए और अब कुपवाड़ा में सेना के कैंप पर हमला कर आतंकियों ने देश की आतंरिक सुरक्षा को चुनौती दी है. सरकार तुरंत प्रभावी और ठोस कदम उठाए. जरूरत हो तो शक्ति का प्रदर्शन करने से भी न चूके. लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे की जांच के सवाल पर अखिलेश ने कहा कि इसे बनाने में सेना के इंजीनियरों ने भी मेरी मदद की थी. उनकी सलाह को निर्माण एजेंसी ने अपने प्रोजेक्ट में शामिल किया था. गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं किया गया.

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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