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अक्षय कुमार की फिल्म का असर : बागपत जिले में लागू हुआ 'शौचालय नहीं, तो दुल्हन नहीं' का नियम

यह फैसला बागपत के बिजवाड़ा गांव की सर्वसमाज पंचायत ने लिया है, और इस बैठक में आसपास के 10 अन्य गांवों के पंचायत प्रमुख भी मौजूद थे...

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अक्षय कुमार की फिल्म का असर : बागपत जिले में लागू हुआ 'शौचालय नहीं, तो दुल्हन नहीं' का नियम

'शौचालय नहीं, तो दुल्हन नहीं' का फैसला बागपत के बिजवाड़ा गांव की सर्वसमाज पंचायत ने लिया है...

"मैंने सीख लिया था कि लघुशंका या दीर्घशंका की हाजत को कैसे घंटों तक रोके रखना है, क्योंकि बचपन से ही मुझे एक ही नियम सिखाया गया था - या तो मैं खुले में शौच के लिए तड़के जा सकती हूं, या रात हो जाने के बाद... लेकिन अब मेरा भाग्य बदल गया है... हाल ही में मेरे माता-पिता ने घर में शौचालय बनवा लिया है... अब मैं तय करती हूं कि मुझे शौच के लिए कब जाना है... मैं जब चाहूं, तब शौच के लिए जा सकती हूं... यह बहुत अच्छा लगता है... मैंने कभी नहीं सोचा था, घर में शौचालय बन जाने से जीवन कितना सरल हो जाएगा..." यह कहना है, 18-वर्षीय एक लड़की का, जो उत्तर प्रदेश के बागपत जिले में रहती है, जहां हाल ही में एक आदेश पारित किया गया है - शौचालय नहीं, तो दुल्हन नहीं...

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हाल ही में रिलीज़ हुई अक्षय कुमार की फिल्म 'टॉयलेट - एक प्रेम कथा' की तर्ज पर आदेश में कहा गया है कि जिले का कोई भी निवासी अपनी बेटी की शादी ऐसे किसी घर में नहीं करेगा, जहां शौचालय नहीं होगा... यह फैसला बागपत के बिजवाड़ा गांव की सर्वसमाज पंचायत ने लिया है, और इस बैठक में आसपास के 10 अन्य गांवों के पंचायत प्रमुख भी मौजूद थे... इसके अलावा यह भी तय किया गया कि इस फैसले के खिलाफ जाने वाले परिवार पर जुर्माना लगाया जाएगा, और उस राशि का इस्तेमाल ऐसे घरों में शौचालय बनवाने के लिए किया जाएगा, जिनमें यह सुविधा मौजूद नहीं है...

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भारत में खुले में शौच की परम्परा सदियों से चली आ रही है, और इसकी वजह से डायरिया, पीलिया और पोलियो जैसी बीमारियां पैदा होती हैं... डायरिया के कारण तो हर साल 22 लाख लोगों की मौत हो जाती है... इस एक कदम से भी जानी नुकसान को कम किया जा सकेगा... हालांकि फिलहाल बागपत खुले में शौच से मुक्त नहीं हो पाया है, लेकिन यहां के हालात राज्य के कई अन्य हिस्सों की तुलना में बेहतर हैं... व्यक्तिगत घरेलू शौचालय (Individual HouseHold Latrine या IHHF) का जिले में प्रसार 86.49 फीसदी है, जिसे 100 फीसदी बनाने के लिए प्रशासन से लेकर नागरिकों तक सभी प्रयासों में जुटे हैं... हाल ही में भाईदूज के त्योहार के अवसर पर जिले के एक घर में दो भाइयों ने अपनी बहनों को अनूठा तोहफा दिया - एक शौचालय...

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बागपत ऐसे राज्य में लोगों को सही राह दिखा रहा है, जहां स्वच्छ भारत अभियान के तीन साल बीत जाने के बावजूद नतीजे बेहद हौसलाअफजाह नहीं हैं... उत्तर प्रदेश अब तक सिर्फ सात जिलों को खुले में शौच से मुक्त (Open Defecation Free या ODF) बना पाया है, लेकिन अब मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य को पूर्णतः ODF बनाने के लिए अक्टूबर, 2018 की डेडलाइन तय की है, जिसे हासिल करने के लिए राज्य में रोज़ाना 15,000 शौचालय बनाए जा रहे हैं...


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