ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को उम्‍मीद : अयोध्‍या मामले का फैसला मुसलमानों के हक में आयेगा

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज हुई अपनी एग्‍जीक्‍यूटिव कमेटी की बैठक के बाद एक बयान में कहा है कि मस्जिद की जमीन की नवायत यानी भू-उपयोग बदला नहीं जा सकता.

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड को उम्‍मीद : अयोध्‍या मामले का फैसला मुसलमानों के हक में आयेगा

बोर्ड को उम्‍मीद है कि फैसला मस्जिद के हक में आएगा

लखनऊ:

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने आज हुई अपनी एग्‍जीक्‍यूटिव कमेटी की बैठक के बाद एक बयान में कहा है कि मस्जिद की जमीन की नवायत यानी भू-उपयोग बदला नहीं जा सकता. ना ही वह किसी को ट्रांसफर की जा सकती है. चूंकि शरियत इसकी इजाजत नहीं देती इसलिए कोई मुसलमान इस पर अपना दावा नहीं छोड़ सकता. यह एक ऐतिहासिक सच है कि बाबरी मस्जिद किसी मंदिर को तोड़ कर नहीं बनाई गई है. बाबरी मस्जिद के मुद्दे पर मध्‍यस्‍थता की कई कोशिशें हुई और पर्सनल लॉ बोर्ड ने इसमें ये सोच कर के शिरकत की कि शायद न्‍याय पर आधारित कोई हल निकल आए. लेकिन तमाम कोशिशों के बाद अब ये साफ हो गया है कि अब किसी तरह की मध्‍यस्‍थता या समझौते की कोई गुंजाइश नहीं है. 

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मस्जिद पक्ष के वरिष्‍ठ वकील राजीव धवन और उनकी टीम ने इस मुद्दे पर बहुत अच्‍छी बहस की है. ऐसे में बोर्ड को उम्‍मीद है कि फैसला मस्जिद के हक में आएगा. लेकिन यहां यह साफ कर देना भी जरूरी है कि ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड इस मुकदमे में पार्टी नहीं है. इसलिए उसके बयान की कोई कानूनी अहमियत नहीं है. 

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बैठक में शामिल एक सदस्‍य ने बताया कि बोर्ड ने अयोध्‍या प्रकरण को लेकर सुप्रीम कोर्ट में चल रही सुनवाई पर संतोष जाहिर करते हुए अपने वकीलों के काम को सराहा और कहा कि मुस्लिम पक्ष के पास मजबूत दलीलें हैं और इस बात का यकीन है कि मामले का फैसला मुसलमानों के पक्ष में आयेगा. उन्‍होंने बताया कि बैठक में तय किया गया कि बोर्ड समान नागरिक संहिता के मुद्दे पर अपने पुराने रुख पर कायम है. यह संहिता हिन्‍दुस्‍तान के लिये फायदेमंद नहीं है और न ही जमीनी स्‍तर पर उसे लागू किया जा सकता है.  

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