अलीगढ़ में CAA विरोधी प्रदर्शनकारियों और पुलिस की झड़प, टेंट लगाने की इजाजत को लेकर हंगामा

CAA Protests: उत्तर प्रदेश के अलगीढ़ में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई है.

खास बातें

  • अलीगढ़ में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच
  • टेंट लगाने की इजाजत नहीं मिलने के बाद बवाल
  • पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लाठीचार्ज किया
लखनऊ:

CAA Protests: उत्तर प्रदेश के अलगीढ़ में नागरिकता संशोधन कानून के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच झड़प हुई है. पुलिस के मुताबिक, कुछ प्रदर्शनकारियों द्वारा कथित रूप से पत्थर फेंकने के बाद झड़पें हुईं, जिससे पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले का सहारा लिया. भीड़ द्वारा एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की गई है और कुछ पुलिस वाले भी घायल हुए हैं.

दिल्‍ली के जाफराबाद इलाके में दो गुटों में पथराव, पास में ही CAA के खिलाफ जारी है प्रदर्शन

पुलिस के अनुसार झड़प तब हुई जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने कथित तौर पर पत्थर फेंकना शुरू कर दिया. इसके बाद पुलिस ने भीड़ तो तितर-बितर करने के लिए लाठीचार्ज किया और आंसू गैस के गोले छोड़े.  भीड़ द्वारा एक पुलिस वाहन में तोड़फोड़ की गई है और कुछ पुलिस वासे घायल भी हुए हैं. स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए उत्तर प्रदेश पुलिस का एक रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) तैनात किया गया है. यह हिंसा अलीगढ़ के उपरकोट कोतवाली क्षेत्र के आसपास के दो किलोमीटर के इलाके में हुई है.

शाहीन बाग में प्रदर्शनकारियों ने 9 नंबर की सड़क खोली, जामिया से कालिंदी कुंज होते हुए नोएडा जाती है सड़क

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com

बता दें कि शहर के दिल्ली गेट इलाके में पुलिस द्वारा टेंट लगाने की इजाजत नहीं देने के एक बाद झड़प हुई है. शुक्रवार को अलीगढ़ में बारिश के बाद बदलते मौसम को देखते हुए प्रदर्शनकारियों ने यहां टेंट लगाने की इजाजत मांगी थी. इस इलाके में करीब एक महीने से विवादित नागरिकता कानून के खिलाफ विरोध प्रदर्शन चल रहा है.

दिल्ली : शाहीन बाग में CAA के ख़िलाफ़ प्रदर्शन स्थल पर चल रही लाइब्रेरी

घटना के बाद पत्रकारों से बात करते हुए अलीगढ़ के जिलाधिकारी चंद्र भूषण सिंह ने बताया कि स्थिति नियंत्रण में है और भीड़ को तितर-बितर कर दिया गया है. उन्होंने कहा, 'हिंसा' तब शुरू हुई जब एक स्थानीय पुलिस अधिकारी के वाहन पर पथराव किया गया.