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यूपी की सरकारी योजनाओं में से समाजवादी शब्द हटाएंगे योगी आदित्यनाथ, सपा ने किया विरोध

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यूपी की सरकारी योजनाओं में से समाजवादी शब्द हटाएंगे योगी आदित्यनाथ, सपा ने किया विरोध

उत्तर प्रदेश के मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. अखिलेश सरकार में ज़्यादातर योजनओं के नाम के आगे समाजवादी शब्द जुड़ा था
  2. केंद्र सरकार ने भी एंबुलेंस पर समाजवादी लफ्ज़ लिखने पर ऐतराज किया था
  3. अब समाजवादी की जगह मुख्‍यमंत्री योजना हो जाएगा योजनाओं का नाम
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के नए मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अखिलेश सरकार की सारी योजनाओं से समाजवादी नाम हटाने का आदेश दिया है. अब उसकी जगह 'मुख्यमंत्री' शब्द लिखा जाएगा. मिसाल के लिए 'समाजवादी एंबुलेंस सेवा' अब 'मुख्यमंत्री एंबुलेंस सेवा' हो जाएगा. समाजवादी पार्टी ने इसका विरोध किया है. उसका कहना है कि 'समाजवादी' शब्द का राजनीति से संबंध नहीं है. यह तो देश की संविधान की प्रस्‍तावना में है. इसलिए इस पर राजनीति नहीं करनी चाहिए.

योगी सरकार ने सत्ता में आने के बाद बहुत सारी रोक लगाई है. उन्हीं में एक रोक समाजवादी नाम पर है, जिसका इस्तेमाल अखिलेश सरकार की तमाम योजनाओं में किया गया था. यूपी सरकार के मंत्री और प्रवक्ता सिद्धार्थ नाथ सिंह ने योगी के इस फ़ैसले के बारे में बताया. उन्होंने कहा कि, यूपी सरकार की जो भी योजनाएं हैं उसके तहत जहां 'समाजवादी' नाम लगा है वहां से वो हटेगा और उसके आगे 'मुख्यमंत्री योजना' कहते हुए चलेगा.

अखिलेश सरकार में ज़्यादातर योजनओं के नाम के आगे समाजवादी शब्द जुड़ा था. यहां तक कि एंबुलेंस भी समाजवादी नाम से चलती थी. चूंकि इसके लिए केंद्र से पैसा मिला था इसलिए केंद्र सरकार ने भी तब एंबुलेंस पर समाजवादी लफ्ज़ लिखने पर ऐतराज किया था. अखिलेश की तमाम योजनाओं में समाजवादी नाम था. जैसे समाजवादी एंबुलेंस सेवा, समाजवादी स्‍मार्टफोन योजना, समाजवादी पेंशन योजना, समाजवादी स्वास्थ्य बीमा योजना, समाजवादी नमक वितरण योजना, समाजवादी किसान बीमा योजना, समाजवादी युवा स्वारोज़गार योजना, समाजवादी हथकरघा बुनकर पेंशन योजना, समाजवादी रोज़गार योजना, समाजवादी आवास योजना और समाजवादी ई-रिक्‍शा योजना वगैरह.

यूं तो समाजवाद का पर्फ्यूम से कभी कोई रिश्ता नहीं रहा है लेकिन 15 मार्च 2016 को अखिलेश यादव ने अपनी सरकार के 4 साल पूरे होने पर 'समाजवादी सुगंध' नाम से एक पर्फ्यूम लॉन्‍च कर दिया था. तब अखिलेश ने कहा था, 'मैने एक बार कह दिया कि नदियां समाजवादी हैं क्‍योंकि स्वाभाविक है कि हर धर्म-जाति के लोग उसके आस-पास रहते हैं. मैने लैपटॉ कह दिया समाजवादी है क्योंकि वह भेदभाव ख़त्म करता है और जब इंटरनेट लग जाए तो हर तरह की इन्फॉर्मेशन को एक प्‍लेटफॉर्म पर लाने का काम करता है. यह समाजवादी सुगंध भी हर तरह का भेदभाव ख़त्म कर देगी.”

देश में अलग-अलग पार्टियों की सरकारें अपनी विचारधारा के महापुरुषों के नाम से सरकारी योजनाओं के नाम रखती रही हैं. मिसाल के लिये कांग्रेस सरकार ने इंदिरा आवास योजना, राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतीकरण योजना, जवाहर रोज़गार योजना, नेहरू रोज़गार योजना जैसी तमाम योजनाएं चलाईं. मौजूदा मोदी सरकार में भी “दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना, दीन दयाल उपाध्याय ग्रामीण कौशल योजना, दीन दयाल उपाध्याय श्रमेव जयते कार्यक्रम, दीन दयाल उपाध्याय उन्नत कृषि शिक्षा योजना जैसी तमाम योजनाएं चलाईं. लेकिन समाजवादी शब्द हटाने पर समाजवादी पार्टी ने एतराज़ किया है.


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