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बुलंदशहर हिंसा: आरोपी प्रशांत नट की पत्नी बोली- तलाशी के बहाने घर में घुसी पुलिस, खुद रखा इंस्पेक्टर का फोन, एतराज किया तो कहा- चुप रहो

पुलिस का दावा है कि सुबोध कुमार सिंह के मोबाइल फोन के अलावा, उन्हें 6 और मोबाइल बरामद हुए हैं. पुलिस फिलहाल सभी बरामद मोबाइल फोन की जांच कर रही है.

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बुलंदशहर हिंसा: आरोपी प्रशांत नट की पत्नी बोली- तलाशी के बहाने घर में घुसी पुलिस, खुद रखा इंस्पेक्टर का फोन, एतराज किया तो कहा- चुप रहो

आरोपी प्रशांत नट की पत्नी.

खास बातें

  1. आरोपी नट की पत्नी ने यूपी पुलिस पर लगाया आरोप
  2. कहा- पुलिस ने खुद रखा इंस्पेक्टर का फोन
  3. बोलीं- तलाशी के नाम पर घर में घुसी पुलिस
लखनऊ:

बुलंदशहर हिंसा मामले (Bulandshahr violence Case)में यूपी पुलिस ने इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह (Subodh Kumar Singh) के मोबाइल फोन को रविवार को बरामद किया था. यूपी पुलिस को इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह का मोबाइल फोन प्रशांत नट के घर से बरामद हुआ था. लेकिन प्रशांत नट की पत्नी का कहना है कि वह मोबाइल खुद पुलिस उनके घर लेकर आई थी और सर्च वारंट के बहाने प्रशांत के कमरे में वह रख दिया था. बता दें, प्रशांत नट सुबोध कुमार की हत्या का मुख्य आरोपी है, जिसे पुलिस ने 27 दिसंबर को गिरफ्तार किया था. 

प्रशांत की पत्नी ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि रविवार को उनके घर से बरामद हुआ इंस्पेक्टर सुबोध कुमार को फोन पुलिस टीम ने खुद रखा था, पुलिस उनके घर पर तलाशी करने आई थी. नट की पत्नी ने कहा, 'पुलिस हमारे घर आई और बोली की हमारे पास सर्च वारंट है. उन्होंने पूछा कि प्रशांत का कमरा कौनसा है? दो सिपाही अंदर गए और वहां एक फोन ड्रेसिंग टेबल पर रख दिया. जब हमने कहा कि यह हमारा नहीं है तो उन्होंने हमें चुप रहने के लिए कहा. पुलिस अपने साथ फोन लेकर आई थी.'


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बता दें, पुलिस ने रविवार को बताया था कि प्रशांत नट के घर पर पुलिस ने दबिश दी थी और उसके घर से मोबाइल फोन बरामद किया है. पुलिस का दावा है कि सुबोध कुमार सिंह के मोबाइल फोन के अलावा, उन्हें 6 और मोबाइल बरामद हुए हैं. पुलिस फिलहाल सभी बरामद मोबाइल फोन की जांच कर रही है. 

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दरअसल, पिछले साल 3 दिसंबर को बुलंदशहर के स्याना इलाके में कथित रूप से गोवंश के अवशेष मिलने के बाद हिंसा फैल गई थी. गोवंश के अवशेष मिलने के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई थी, पुलिस मौके पर पहुंची तो वहां लोगों की भीड़ पहले से वहां मौजूद थी. पुलिस भीड़ को समझाने की कोशिश कर रही थी, लेकिन लोग काफी उग्र थे और उन्होंने पुलिस पर ही हमला कर दिया. हिंसा में पुलिस इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह की हत्या कर दी गई. वहीं गोली लगने से सुमित नाम का एक युवक भी मारा गया था. 

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बता दें, बुलंदशहर हिंसा के दौरान इंस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह को न सिर्फ गोली मारी गई थी, बल्कि पहले कुल्हाड़ी से उनके सिर पर वार कर बुरी तरह से घायल कर दिया गया था. पुलिस ने 28 दिन बाद इस्पेक्टर सुबोध कुमार सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला करने वाले कलुआ उर्फ राजीव को गिरफ्तार किया था. पुलिस के मुताबिक कलुआ ने ही सबसे पहले सुबोध कुमार सिंह पर हमला किया था. कलुआ कुल्हाड़ी से पेड़ की टहनी काट सड़क जाम कर रहा था, इंस्पेक्टर ने रोका तो उसने कुल्हाड़ी से उन पर ही हमला कर दिया.

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VIDEO- बुलंदशहर हिंसा : इन्सपेक्टर सुबोधर कुमार सिंह का मोबाइल बरामद

 



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