ग्रेटर नोएडा : जमीन घोटाले की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम को दौड़ाया, हमले में अधिकारी हुए घायल

सीबीआई(CBI) की टीम पर ग्रेटर नोएडा के गांव में हमले की घटना सामने आई है. सीबीआई गांव में जमीन घोटाले की जांच करने पहुंची थी.

ग्रेटर नोएडा : जमीन घोटाले की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम को दौड़ाया, हमले में अधिकारी हुए घायल

प्रतीकात्मक तस्वीर.

खास बातें

  • सीबीआई की टीम पर ग्रेटर नोएडा के गांव में हमला
  • जमीन घोटाले की जांच करने गए सीबीआई अफसरों को दौड़ाया
  • गांववालों के हमले में छह सदस्यीय टीम में शामिल अफसर घायल
नई दिल्ली:

126 करोड़ की ज़मीन घोटाले का एक ऐसा अनोखा मामला जिसकी जांच सीबीआई ने शुरू भी नहीं कि लेकिन उस मामले में आरोपियों को बचाने और उनसे घूस लेने के आरोप में सीबीआई के 2 अफसर गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि अपने ही तीसरे अफसर को जब सीबीआई की टीम पकड़ने गयी तो उसके ही परिवार ने टीम को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा. पुलिस ने केस दर्ज कर एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. सीबीआई के इतिहास में ऐसा पहली बार हो रहा है जब एक बड़े घोटाले का केस अभी सीबीआई को ट्रांसफर भी नहीं हुआ लेकिन सीबीआई के लोग घोटाले से जुड़े लोगों को बचाने के नाम पर लाखों रुपए की रिश्वत की बंदरबांट करने लगे. लेकिन सीबीआई ने ट्रैप लगाकर अपने 2 अफसरों को गिरफ्तार किया. लेकिन जब इसी मामले में आरोपी तीसरे अफसर सुनील दत्त को शनिवार को सीबीआई की टीम पकड़ने गयी तो ग्रेटर नोएडा के सुनपुरा गांव में सुनील के परिवार ने सीबीआई की टीम पर लाठी डंडों से हमला कर दिया जिसमें सीबीआई के दो लोग घायल हो गए. पिट रहे सीबीआई वालों ने किसी तरह पुलिस को ख़बर दी तो अपने इलाके में सीबीआई के लोगों के पिटने की खबर सुनकर ग्रेटर नोएडा पुलिस मौके पर पहुंची. इकोटेक तीन थाने की पुलिस ने सीबीआई टीम को बचाया.

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सीबीआई ने सुनील दत्त के परिवार वालों के खिलाफ लिखित में शिकायत दी जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर सुनील दत्त के एक भाई युद्धवीर को गिरफ्तार कर लिया है. दरअसल यमुना एक्सप्रेस वे औधोगिक प्राधिकरण में 126 करोड़ का ज़मीन घोटाला हुआ था जिसकी एफआईआर कासना थाने में दर्ज हुई थी. चूंकि इस मामले में यमुना प्राधिकरण के सीईओ पीसी गुप्ता समेत कई अधिकारियों को आरोपी बनाया गया था इसलिए यूपी सरकार ने इस घोटाले की जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी. सीबीआई ने अभी उस मामले की जांच शुरू भी नहीं की थी कि उस केस में आरोपियों को बचाने के नाम पर सीबीआई के एक इंस्पेक्टर वी एस राठौर, एएसआई सुनील दत्त, यूपी सरकार के एक तहसीलदार रणवीर के साथ मिलकर आरोपियों को बचाने और जांच को प्रभावित करने के नाम पर लाखों की रिश्वत लेने लगे.

सीबीआई ने एक सूचना के बाद छापा मारकर 18 लाख बरामद कर लिए थे और मौके से सीबीआई इंस्पेक्टर वी एस राठौर और तहसीलदार रणवीर को गिरफ्तार कर लिया. लेकिन एएसआई सुनील दत्त फ़रार हो गया. गिरफ्तार तहसीलदार ने सीबीआई को बताया कि उसने लाखों रुपये सुनील और राठौर को दिए हैं और रिश्वत का ये पैसा इन लोगों ने सैनिक फार्म में रहने वाले रिटायर्ड विंग कमांडर वाई एस तोमर के घर पर रखा हुआ है. लिहाजा 2 फरवरी को सीबीआई की एक टीम ने रिटायर्ड विंग कमांडर वाई एस तोमर के घर पर छापा मारा.

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उस टीम का हिस्सा रहे हेड कांस्टेबल सुदेश पर घर से बरामद किए गए कुल रकम में से छह लाख रुपए गायब करने का आरोप लगा. सीबीआई ने इस मामले में भी एक एफआईआर दर्ज कर सुदेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था.

एक घोटाले की जांच शुरू होने से पहले ही उस जांच के नाम पर रिश्वतखोरी के मामले में अब तक दो एफआईआर दर्ज कर ली गई है और सीबीआई के 2 अफसर गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि तीसरे को तलाश जारी है. अब सीबीआई की टीम की पिटाई भी हो गयी, जिसका मामला अलग से दर्ज हुआ.