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पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद के घर और दफ्तर पर CBI ने की छापेमारी

पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद के कई ठिकानों पर बुधवार को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) छापेमारी कर रही है.

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पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद के घर और दफ्तर पर CBI ने की छापेमारी

पूर्व सांसद अतीक अहमद के ठिकानों पर छापेमारी

खास बातें

  1. पूर्व सांसद अतीक अहमद के ठिकानों पर छापा
  2. सीबीआई कर रही है छापेमारी
  3. उनके अलावा 6 और जगहों पर सीबीआई ने की छापेमारी
नई दिल्ली:

पूर्व सांसद और बाहुबली अतीक अहमद के कई ठिकानों पर बुधवार को केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) छापेमारी कर रही है. इस दौरान अतीक के यहां स्थित पैतृक आवास और कार्यालय पर छापेमारी की जा रही है. सीबीआई की टीम सबूत जुटाने के लिए यह छापेमारी कर रही है. अतीक अहमद के निवास और कार्यालय पर पीएसी और पुलिस ने दबिश दी है, घर का कोना-कोना खंगाला जा रहा है. केंद्रीय जांच एजेंसी ने देवरिया जेल कांड में अदालत के आदेश के बाद अतीक के खिलाफ कार्रवाई की है. मौके पर पांच गाड़ी पीएसी, तीन गाड़ी आरएएफ के साथ कई थानों से भारी पुलिस बल मौजूद है.  फिलहाल अतीक अहमद गुजरात के अहमदाबाद जेल में बंद हैं.

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इस छापेमारी के संबंध में अतीक अहमद के वकील ने बताया, "सुबह 7.30 बजे सिक्यॉरिटी फोर्स पूर्व सांसद के घर पहुंची. इस दौरान सीबीआई की एक टीम भी थी. घर को सील कर दिया गया है और किसी को भी बाहर से वहां जाने की अनुमति नहीं है. हमें भी इस बारे में कोई विशेष जानकारी नहीं है." 

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इससे पहले मंगलवार को देवरिया जेलकांड की जांच कर रही सीबीआई की टीम जिले में डटी रही. देवरिया के होटलों का रिकॉर्ड खंगाल रही टीम यह जानने में जुटी रही कि देवरिया जेल में अतीक के रहने के दौरान किस-किसने यहां ठिकाना बनाया था. अतीक के गैंग से जुड़े लोग कब-कब और किस होटल में रहे. टीम जिला जेल से रिहा हुए उन बंदियों से भी पूछताछ में जुटी है जो अतीक के साथ उसके या आसपास की बैरक में रहे.

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अतीक अहमद ने लखनऊ के रियल एस्टेट व्यापारी मोहित जायसवाल का 26 दिसंबर को गुर्गो के जरिए अपहरण करवाके देवरिया जेल बुलाया था. यहां उसकी बर्बरतापूर्वक पिटाई के बाद करोड़ों रुपये की प्रापर्टी जबरन अपने व करीबियों के नाम करा ली थी. किसी तरह उनके चंगुल से छूटकर मोहित ने लखनऊ पहुंच कर मामला दर्ज कराया तब देवरिया पुलिस हरकत में आई। मोहित की अपील पर कोर्ट ने मामले का संज्ञान लेते हुए सीबीआई को जांच का निर्देश दिया था.

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