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हजरतगंज पुलिस स्टेशन में सीएम आदित्यनाथ योगी अचानक पहुंचे, मच गया हड़कंप

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खास बातें

  1. उन्होंने वहां पर रजिस्टर देखा और पूरे थाने का मुआयना किया
  2. उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अपने मंत्रालय का दौरा किया
  3. पुलिस की कार्यशैली की स्थिति को परखने के लिए यह दौरा था
लखनऊ: आबादी के लिहाज से देश के सबसे बड़े सूबे उत्तर प्रदेश में सरकार बनाने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज हजरतगंज थाने पहुंच गए. उन्होंने वहां पर रजिस्टर देखा और पूरे थाने का मुआयना किया. वहीं राज्य के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने भी अपने मंत्रालय का दौरा किया और अधिकारियों को निर्देश दिया कि फाइलों का निपटान जल्द से जल्द किया जाए. उन्होंने कहा कि उनके मंत्रालय के कार्य में किसी प्रकार का भाई भतीजा नहीं चलेगा. मीडिया से बात करते हुए मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने कहा कि राज्य में कानून का राज हो. इस दृष्टि से पुलिस का मनोबल देखने और पुलिस की कार्यशैली की स्थिति को परखने के लिए यह दौरा था और ऐसे और दौरे हो सकते हैं.

प्रदेश के प्रशासनिक तंत्र के पेंच कसने में जुटे मुख्यमंत्री अचानक हजरतगंज कोतवाली पहुंचे. मुख्यमंत्री के अचानक पहुंचने से वहां हड़कम्प मच गया. उनके साथ पुलिस महानिदेशक जावीद अहमद और लखनऊ की वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मंजिल सैनी भी मौजूद थीं.

आदित्यनाथ ने कहा ‘‘उत्तर प्रदेश में कानून का राज हो, इसलिये पुलिस का मनोबल कैसा है, यह जानने के लिये मैंने हजरतगंज कोतवाली का दौरा किया है. इसके अलावा पुलिसिंग को बेहतर करने के लिये और कौन-कौन से प्रभावी कार्य हो सकते हैं, यह जानने के लिये मैंने निरीक्षण किया है. यह कोई पहला निरीक्षण नहीं है. आगे भी ऐसे निरीक्षण होंगे. हम उत्तर प्रदेश की जनता के हित में कोई कदम उठाने में नहीं हिचकेंगे.’’ इस बीच, पुलिस महानिदेशक ने बताया कि अपने दौरे के दौरान आदित्यनाथ ने अपराध शाखा और साइबर प्रकोष्ठ का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों और कर्मचारियों को समय से दफ्तर आने की ताकीद की. साथ ही उन्होंने अपराध शाखा के बारे में तथा पुलिस की आवश्यकताओं के बारे में बहुत गहन जानकारी ली.

उल्लेखनीय है कि राज्य में जब से बीजेपी की सरकार आई है तब से सरकार का कानून व्यवस्था पर सबसे ज्यादा जोर है. पार्टी ने चुनाव के दौरान राज्य में कानून व्यवस्था की खराब हालात को मुद्दा बनाया था.

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इससे पूर्व यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के बीच विभागों के बंटवारे के बाद बुधवार शाम को सीएम ऑफिस 'लोक भवन' में बैठक की. यह बैठक लंबी चली और इसमें मुख्यमंत्री ने अपने मंत्रियों से बेहतर कामकाज के सुझाव मांगे. इसके साथ ही योगी आदित्यनाथ ने अपने मंत्रियों को कई तरह के निर्देश भी दिए. सबसे अहम यह है कि मंत्रियों से कहा गया है कि वो हूटर का इस्तेमाल न करें. इसके साथ ही सीएम द्वारा एंटी रोमियो ड्राइव को लेकर भी कुछ दिशानिर्देश दिए गए हैं. गौरतलब है कि यूपी में नई सरकार के वादे के मुताबिक छेड़खानी के खिलाफ पूरे प्रदेश में एंटी रोमियो ड्राइव शुरू कर दी गई है. बुधवार को दर्जनों जिलों में यह ड्राइव चली, लेकिन कई जगहों पर साथ-साथ घूम रहे लड़के-लड़कियों को भी पुलिस द्वारा परेशान किए जाने की बात सामने आई. अब सीएम ने स्‍पष्‍ट आदेश दिया है कि इस अभियान में केवल छेड़खानी करने वालों को पकड़ा जाए. अपनी खुशी से घूम-फिरने वाले लड़के-लड़कियों को परेशान न किया जाए. वहीं, सीएम ने यह भी कहा कि बिना लाइसेंस वाले बूचड़खानों को बंद किया जाए और जिनके पास लाइसेंस हैं, वे जल्‍द से जल्‍द नियमों का पालन करें.

योगी ने अपने निर्देशों में सरकारी कर्मचारियों के कामकाज पर भी सख्‍त रुख दिखाया है. उन्‍होंने निर्देश दिए हैं कि सरकारी दफ्तर में सभी लोग टाइम से आएं. इसके साथ ही जल्‍द सरकारी कार्यालयों में सीसीटीवी कैमरें और बायोमेट्रिक सिस्‍टम लगाया जाए. सरकारी दफ्तरों में पान-गुटखा खाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है. सीएम ने हर फाइल का निपटारा 60 दिन के अंदर किए जाने के निर्देश भी अधिकारियों को दिए. ऐसा न होने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई किए जाने की बात भी उन्‍होंने कही. सीएम ने यह भी निर्देश दिए कि सुरक्षा पाने वाले हर शख्‍स की सुरक्षा की समीक्षा की जाए.


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