शहरों के नाम बदलने को लेकर सीएम योगी ने दिया बड़ा बयान, कहा- हमें जो अच्छा लगा हमनें किया, और... 

यूपी में कई शहरों के नाम बदले जाने के बाद से ही सरकार के सामने कई अन्य शहरों के नाम भी बदलने का प्रस्ताव आने लगा है.

शहरों के नाम बदलने को लेकर सीएम योगी ने दिया बड़ा बयान, कहा- हमें जो अच्छा लगा हमनें किया, और... 

शहरों का नाम बदलने को लेकर योगी ने रखी अपनी बात

खास बातें

  • कई और शहरों के नाम बदल सकती है यूपी सरकार
  • विपक्ष ने नाम बदलने को लेकर सरकार की आलोचना की
  • सीएम योगी ने कहा- सरकार ने जो किया वह सही
लखनऊ:

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शहरों के नाम बदलने के सरकार के फैसले को सही बताते हुए इशारा किया और कहा कि अगर आगे भी जरूरत पड़ी तो उनकी सरकार आगे भी यूपी में कई और शहरों के नाम बदलने पर विचार जरूर करेगी. उन्होंने शनिवार को कहा कि हमें जो अच्छा लगा है हमनें वह किया है. हमारी सरकार ने यूपी मे कई शहरों के नाम बदला है. और जहां पर आवश्यकता पड़ेगी सरकार वहां पर उस प्रकार का कदम उठाएगी. सीएम योगी ने कहा कि हमारी सरकार ने मुगलसराय का नाम बदलकर पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर, इलाहाबाद का नाम बदलकर प्रयागराज और फैजाबाद का नाम बदलकर अयोध्या किया है.

यह भी पढ़ें: सीएम योगी आदित्यनाथ का बड़ा ऐलान: अयोध्या में बनेगी भगवान राम की मूर्ति

गौरतलब है कि यूपी में कई शहरों के नाम बदले जाने के बाद से ही सरकार के सामने कई अन्य शहरों के नाम भी बदलने का प्रस्ताव आने लगा है. मसलन, जहां आगरा का नाम बदल अग्रवाल या अगरावण वहीं मुजफ्फरनगर का नाम बदलकर लक्ष्मी नगर करने की बात की जा रही है. खास बात यह है कि इन नामों का प्रस्ताव खुद इन शहरों से आने वाले विधायकों ने राज्य सरकार को दिया है. वहीं राज्य सरकार के इस कदम की विपक्ष जमकर आलोचना कर रहा है.

Newsbeep

यह भी पढ़ें: अयोध्या में दीपोत्सव: फैजाबाद का नाम अब अयोध्‍या होगा, योगी आदित्‍यनाथ ने किया ऐलान

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि बीजेपी शहरों के नाम बदलकर लोगों को ध्यान मुख्य मुद्दे से भटकना चाहती है. उन्होंने कहा कि अगर बीजेपी को सही ने मुस्लिम नामों को बदलने में रुचि है तो पहले उन्हें अपने दल के मुस्लिम नेताओं के नाम बदलवाने चाहिए. वहीं शिवसेना ने बीजेपी की नाम बदलों राजनीति को लॉलीपॉप राजनीति बताया है. पार्टी का कहना है कि इस तरह की राजनीति करके पार्टी सिर्फ और सिर्फ लोकसभा चुनाव से पहले लोगों को लुभाने की कोशिश कर रही है. साथ ही वह अपनी विफलताओं को भी छुपाने की कोशिश कर रही है.