जम्मू-कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी का यूपी से कनेक्शन!

खुलासा : उत्तरप्रदेश के युवाओं से घाटी में जबरन कराया गया पथराव, 20 हजार की नौकरी के बहाने बुलाया गया था

जम्मू-कश्मीर में होने वाली पत्थरबाजी का यूपी से कनेक्शन!

प्रतीकात्मक फोटो.

खास बातें

  • यूपी के पुलिस महानिदेशक ने कहा, एटीएस मामले की जांच करेगी
  • बागपत के युवक ने बताया कि पथराव भी कराया जाता था
  • युवकों के सभी दावों की गहराई से जांच कराई जा रही
लखनऊ:

जम्मू-कश्मीर में पत्थरबाजी के ‘यूपी कनेक्शन’ का संदेह उभरा है. रोजगार के लिए पुलवामा गए बागपत और सहारनपुर जिले के कुछ नौजवानों ने उनसे पत्थरबाजी में शामिल होने के लिए कहे जाने का आरोप लगाया है.

उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने यहां बताया कि सहारनपुर और बागपत जिलों के रहने वाले छह लड़के सिलाई का काम करने के लिए पुलवामा गे थे. उन्हें वहां 20 हजार रुपये प्रति माह वेतन पर काम करने के लिए रखा गया था, लेकिन उनका आरोप है कि उनसे वहां पत्थरबाजी का काम भी लिया जाता था. इससे त्रस्त होकर वे लोग लौट आए. उन्होंने कहा ‘‘लेकिन दूसरा पक्ष यह भी है कि वे युवा अपने साथ सिलाई की डिजायन भी लेकर आए हैं. ऐसे में हम इसे बहुत विवेकपूर्ण तरीके से देखेंगे और इसमें एटीएस जांच करेगी. हम अभी इस निष्कर्ष पर नहीं पहुंचे हैं कि इन लोगों ने पत्थरबाजी की है या नहीं.‘‘

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पुलवामा से लौटकर आए बागपत निवासी एक युवक ने दावा किया है कि उसे तथा कुछ अन्य लड़कों को 20 हजार रुपये प्रतिमाह पर सिलाई का काम कराने के लिए बुलाया गया था. कुछ दिन तक तो सब ठीक रहा, मगर बाद में दूसरे कामों में लगा दिया गया. हमसे पथराव भी कराया जाता था.

बागपत के पुलिस अधीक्षक जय प्रकाश ने बताया कि पुलवामा से लौटकर आए एक अन्य युवक ने पूछताछ में बताया है कि उन्हें फैक्ट्री में रखा गया था. एक बार वहां कोई घटना हुई तो वहां काम कर रहे मजदूर पत्थरबाजी में शामिल हो गए थे. उनसे भी ऐसा करने को कहा गया तो उन्होंने मना कर दिया और वहां से भाग आए.

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सहारनपुर के एसएसपी बबलू कुमार ने बताया कि लगभग सात-आठ युवक कश्मीर गए थे और युवकों द्वारा किए जा रहे सभी दावों की गहराई से जांच कराई जा रही है.
(इनपुट भाषा से)

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)