Coronavirus lockdown: लाखों लोगों के लिए राहत का सबब बना सामुदायिक रसोईघर

इस रसोई घर में 50 महिला रसोईया और भोजन परोसने तथा उसे बांटने के लिए 50-50 अन्य लोग काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सामुदायिक रसोईघर में लोग सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक काम करते हैं. इस दौरान सामाजिक मेल जोल से दूरी का सख्ती से पालन किया जाता है.

Coronavirus lockdown: लाखों लोगों के लिए राहत का सबब बना सामुदायिक रसोईघर

प्रतीकात्मक तस्वीर

खास बातें

  • सामुदायिक रसोई घर लाखों लोगों के लिए राहत का सबब बना है
  • उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा शुरू किया गया कम्युनिटी किचन
  • अब तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों की भूख मिटा चुका है
लखनऊ:

लॉकडाउन के कारण उत्पन्न दुश्वारियों के बीच कृष्ण की नगरी मथुरा में बना सामुदायिक रसोई घर लाखों लोगों के लिए राहत का सबब बना है. उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद द्वारा शुरू किया गया यह कम्युनिटी किचन अब तक साढ़े तीन लाख से ज्यादा लोगों की भूख मिटा चुका है. यह पहल उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद की विभिन्न परियोजनाओं में काम कर रहे मजदूरों के लिए शुरू की गई थी, लेकिन बाद में यह एक सामुदायिक रसोईघर में तब्दील हो गई. परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा ने रविवार को बताया कि सामुदायिक रसोईघर से अब तक मथुरा जिले में 364000 फूड पैकेट जरूरतमंदों को बांटे जा चुके हैं.

इस रसोई घर में 50 महिला रसोईया और भोजन परोसने तथा उसे बांटने के लिए 50-50 अन्य लोग काम कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि सामुदायिक रसोईघर में लोग सुबह छह बजे से शाम छह बजे तक काम करते हैं. इस दौरान सामाजिक मेल जोल से दूरी का सख्ती से पालन किया जाता है. ऊर्जा विभाग से सहायक अभियंता के तौर पर सेवानिवृत्त हुए दूध नाथ यादव का जज्बा भी कुछ कम नहीं है. वह इस सामुदायिक रसोईघर से भोजन बांटने का काम सुबह चार बजे शुरू कर देते हैं.

उद्धव ठाकरे ने केंद्र पर साधा निशाना, कहा- 'दाल में कुछ काला है', जानें पूरा मामला

मिश्रा के मुताबिक यादव रोजाना भोजन के पैकेट बांटने में 11 से 12 घंटे तक का वक्त देते हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों तक राहत पहुंचाई जा सके. उन्होंने बताया कि प्रदेश के कैबिनेट मंत्री लक्ष्मी नारायण चौधरी ने हाल ही में इस सामुदायिक रसोईघर के लिए एक ट्रक गेहूं भिजवाया था. वहीं मथुरा से सांसद हेमा मालिनी ने भी लोगों से इस रसोई घर में तेल और गेहूं के तौर पर योगदान करने की अपील की है.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com