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योगी राज में गायों को खिलाने के लिए नहीं है फंड, अपर्णा यादव से जुड़ी गौशाला की हालत खराब

उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से इस गौशाला को दान मिलना बंद हो गया. इतना ही नहीं निजी दानदाताओं ने भी इसकी मदद करना बंद कर दिया.

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योगी राज में गायों को खिलाने के लिए नहीं है फंड, अपर्णा यादव से जुड़ी गौशाला की हालत खराब

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. अखिलेश यादव ने गौसेवा का 86 फीसदी रुपया इसको किया था जारी
  2. आरटीआई से हुए खुलासे के बाद हुआ था विवाद
  3. अब निजी दानदाता भी नहीं कर रहे हैं मदद
लखनऊ: मुलायम सिंह यादव की छोटी बहू अपर्णा यादव की गौशाला की हालत खराब हो गई है. यहां की गायें भुखमरी की हालत में पहुंच गई हैं. इसकी बड़ी वजह दान न मिलना बताया जा रहा है. कुछ दिन पहले ही आरटीआई के जरिए पता चला था कि अखिलेश सरकार ने प्रदेश में गौ सेवा के पूरे बजट की 86 फीसदी रकम इस गौशाला को दे दी थी. इस पर काफी विवाद हो चुका है. लेकिन उत्तर प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद से इस गौशाला को दान मिलना बंद हो गया. इतना ही नहीं निजी दानदाताओं ने भी इसकी मदद करना बंद कर दिया.

पढ़ें :  छत्तीसगढ़ में भूख से गायों की मौत पर कांग्रेस का प्रदर्शन, गाय लेकर सीएम आवास में घुसने की कोशिश

आपको बता दें कि अपर्णा यादव इस गौशाला से जुड़ी हैं. वह इसकी अवैतनिक संरक्षक हैं. वैसे तो यह गौशाला नगर निगम की है. जिसने एनजीओ जीवाश्रय को देख रेख के लिए दे दिया था. लेकिन अब प्रदेश में योगी सरकार आने के बाद इसको सरकारी मदद मिलना बंद हो गया. इस गौशाला के संचालाक अमित सहगल ने एनडीटीवी से बातचीत में कहा कि सरकारी मदद न मिलने से गौशाला पर मुसीबत टूट पड़ी है. अगर चारे का पैसा नहीं मिलता और उधारी नहीं चुकाई गई तो हालत और खराब हो जाएगी. उनका कहना था कि 15 तारीख के बाद से वह गायों को कुछ भी खिलाने की स्थिति में नहीं होंगे.

वीडियो : भूख से बड़ी संख्या में गायों की मौत
अमित सहगल ने बताया कि कुछ लोग यहां गुप्त रूप से दान भी देते थे. लेकिन अपर्णा के नाम पर राजनीति होने से यह लोग डर गए. इन लोगों का मानना है कि अगर कहीं कोई जांच बैठ गई तो ऐसा न हो कि वह लोग भी इसके दायरे में आ जाएं. वहीं गांव- बैलों की ब्रिक्री पर लगी रोक से यहां पर मवेशियों की भरमार हो गई है. अभी यहां पर 2500 गायें हैं. एक गाय को खिलाने में करीब 80 रुपए का खर्चा रोज आता है. वहीं इस मुद्दे पर अपर्णा यादव ने भी एनडीटीवी से बातचीत में बताया कि वह इस गौशाला से बिना किसी लाभ के जु़ड़ी हुई हैं. उनके नाम पर राजनीति न हो. लोगों को गायों की सेवा के लिए आगे आना चाहिए.


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