NDTV Khabar

बीजेपी नेता ने अंबेडकर की मूर्ति को माला पहनाया, तो दलितों के समूह ने दूध और गंगाजल से किया शुद्ध

वकीलों ने कहा कि सुनीव बंसल के माल्यार्पण से जिला कोर्ट में स्थित मूर्ति अशुद्ध हो गया था. 

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
बीजेपी नेता ने अंबेडकर की मूर्ति को माला पहनाया, तो दलितों के समूह ने दूध और गंगाजल से किया शुद्ध

दलित वकीलों के समूह ने अंबेडकर की मूर्ति को किया शुद्घ

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के मेरठ में दलित वकीलों के एक समूह ने बाबा साहब भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को शुद्ध करने के लिए गंगाजल और दूध से नहलाया है. दरअसल, भारतीय जनता पार्टी के राज्य सेक्रेटरी सुनील बंसल ने शुक्रवार को बीआर अंबेडकर की मूर्ति पर माला पहनाया, जिसके तुरंत बाद दलित वकीलों के समूह ने दूध और गंगा जल से मूर्ति को शुद्ध किया. वकीलों ने कहा कि सुनीव बंसल के माल्यार्पण से जिला कोर्ट में स्थित मूर्ति अशुद्ध हो गया था. 

BJP MLA के प्रवेश के बाद मंदिर को गंगाजल से धुलवाया, मूर्ति 'शुद्ध' करने के लिए इलाहाबाद भेजी

वकीलों ने समाचार एजेंसी एएनआई से कहा कि 'हम इस मूर्ति को शुद्ध कर रहे हैं क्योंकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के राकेश सिन्हा यहां आए थे और इस पर माला चढ़ाया था. भाजपा सरकार दलित पर दमन करती है. उनका अंबेडकर से कोई लेना-देना नहीं है. मगर अपनी पार्टी का प्रचार करने और दलित समुदाय को लुभाने के लिए अंबेडकर के नाम का इस्तेमाल करते हैं.' इससे पहले गुजरात के वडोदरा में भीमराव अंबेडकर की 127 वीं जयंती पर मेनका गांधी और भाजपा के अन्य नेताओं के उनकी प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित करने के तुरंत बाद दलित समुदाय के कार्यकर्ताओं ने प्रतिमा को धोकर ‘‘साफ’’ किया था. एक दलित नेता ने दावा किया कि उनकी मौजूदगी से वहां का माहौल दूषित हो गया था. बता दें कि बीआर अंबेडकर दलितों के आदर्श और मसीहा माने जाते हैं. दलितों के आईकॉन अम्बेडकर ने छूआछूत के खिलाफ, सामाजिक भेदभाव के खिलाफ बड़े पैमाने पर अभियान चलाया और महिलाओं और मजदूरों के अधिकारों का भी समर्थन किया.

वडोदरा में मेनका गांधी सहित बीजेपी नेताओं ने बाबा साहेब को दी श्रद्धांजलि, दलित कार्यकर्ताओं ने मूर्ति को धोकर किया 'साफ'

गौरतलब है कि बीते दिनों उत्तर प्रदेश के ही हमीरपुर में बीजेपी विधायक मनीषा अनुरागी मंदिर में दर्शन करने पहुंची थीं, जिसके बाद मंदिर को गंगाजल से धोया गया और मूर्ति को शुद्ध रने के लिए इलाहाबाद भेजा गया. जिसके बाद मूर्ती की फिर स्थापना की गई और गांव में भंडारा किया गया. 

टिप्पणियां
इसके पीछे यह तर्क दिया गया कि राठ इलाके के इस मंदिर में महिला के प्रवेश पर रोक है. इसे महाभारतकाल का मंदिर माना जाता है. कार्यक्रम समाप्त होने के बाद कार्यकर्ताओं के आग्रह पर मनीषा अनुरागी मंदिर दर्शन करने पहुंची थीं. मनीषा उस चबूतरे पर भी चढ़ीं जहां ऋषि तपस्या करते थे. जैसे ही गांव के लोगों को इस बात का पता चला तो वो आक्रोशित हो गए. क्योंकि इस मंदिर में महिला के प्रवेश करने पर मनाही है. इस मंदिर में महिलाएं बाहर ही दर्शन करती हैं. 

VIDEO: बदायूं में भगवा रंग से रंगी आंबेडकर की मूर्ति


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement