NDTV Khabar

देवरिया शेल्टर होम कांड आपबीती: पीड़िता ने कहा, ...मुझे किसी तरह उस नरक से भागने का मौका मिल गया

पुलिस ने संबंधित शेल्टर होम में छापेमारी की और वहां से 24 महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित निकाला था.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
देवरिया शेल्टर होम कांड आपबीती: पीड़िता ने कहा, ...मुझे किसी तरह उस नरक से भागने का मौका मिल गया

देवरिया शेल्टर होम कांड को लेकर योगी सरकार ने दिए जांच के आदेश

नई दिल्ली: मुजफ्फरपुर शेल्टर होम कांड से देश अभी उभरा भी नहीं था कि यूपी के देवरिया में एक और ऐसा ही कांड सामने आ गया. हालांकि इस मामले में यूपी सरकार ने तुरंत कार्रवाई की. अब इस मामामले में एक पीड़िता की दर्द भरी कहानी सामने आई है. वह बताती है कि वह कैसे शेल्टर से बाहर आई और उसने कैसे पुलिस को इस पूरे मामले की जानकारी दी. उसने बताया कि  मैं उस दिन मां विंध्यवासिनी शेल्टर होम के कमरे की सफाई कर रही थी. प्रबंधक गिरिजा त्रिपाठी फोन पर व्यस्त थीं. और मुझे इसी मौके का लंबे समय से इंतजार था. उस दिन मेरा इंतजार खत्म हुआ और मुझे उस नरक से भागने का मौका मिल गया. मैं शेल्टर होम से भागने के बाद सीधे थाने पहुंची. इसके बाद मैंने पुलिस को शेल्टर होम के अंदर चल रहे सभी चीजों की जानकारी दी.

यह भी पढ़ें: देवरिया शेल्टर होम कांड को लेकर CM योगी का ऐलान, CBI करेगी मामले की जांच

उसने कहा कि मैंने पुलिस बताया कि किस तरह से वहां रहने वाले बच्चियों को जेल की तरह रखा जाता है. कैसे उनके साथ मारपीट की जाती है. गौरतलब है कि पीड़िता के इस खुलासे के बाद ही पुलिस ने संबंधित शेल्टर होम में छापेमारी की और वहां से 24 महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित निकाला था. इसके बाद पुलिस ने इस मामले की छानबीन शुरू की. पुलिस ने शेल्टर होम के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की. इस पूछताछ में उन्हें पता चला कि शेल्टर होम में अक्सर शाम में कई कारें आती थीं.

यह भी पढ़ें: देवरिया शेल्टर होम कांड को लेकर राज्यसभा में हंगामा, आप सांसद संजय सिंह को चेतावनी

पुलिस की छानबीन में पता चला कि शेल्टर होम में कभी किसी लड़के को नहीं रखा गया हालांकि 2017 में एक शिशु गृह चल रहा था. पुलिस को मौके से रजिस्टर मिला है जिसमें सात बच्चों, जिनमें से अधिकांश की उम्र दस साल से कम है, के नाम हालांकि पंजीकृत हैं. जांच में पता चला कि शेल्टर होम का लाइसेंस जुलाई 2017 में रद्द कर दिया गया था लेकिन स्थानीय पुलिस ने बचायी गई लड़कियों को शेल्टर होम भेजना जारी रखा. पड़ोस के एक दुकानदार ने बताया कि उसने लड़कियों को एक कार से जाते देखा तो लगा कि शायद किसी कार्यक्रम में जा रही होंगी.शेल्टर होम के पास खडे़ एक व्यक्ति ने बताया कि शाम को कारें आती थीं.

टिप्पणियां


अधिकारी जैसे दिखने वाले लोग आते थे.क्यों आते थे, कभी समझ नहीं आया. इस संरक्षण गृह में लगभग सात कमरे हैं, रसोई है, शौचालय है और बाल्कनी भी, लेकिन बाहर से कुछ नहीं दिखता है. इस मामले के सामने आने के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने देवरिया प्रकरण की सीबीआई जांच के आदेश दिये हैं.वहीं राज्य की महिला एवं बाल विकास मंत्री रीता बहुगुणा जोशी ने माना है कि जिला प्रशासन के स्तर पर लापरवाही हुई है. (इनपुट भाषा से) 


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

विधानसभा चुनाव परिणाम (Election Results in Hindi) से जुड़ी ताज़ा ख़बरों (Latest News), लाइव टीवी (LIVE TV) और विस्‍तृत कवरेज के लिए लॉग ऑन करें ndtv.in. आप हमें फेसबुक और ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं.


Advertisement