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फर्रुखाबाद में 49 नवजातों की मौत : वरिष्ठ चिकित्सकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से नाराज डॉक्टर गए छुट्टी पर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोमवार को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) और एक वरिष्ठ बाल विशेषज्ञ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

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फर्रुखाबाद में 49 नवजातों की मौत : वरिष्ठ चिकित्सकों के खिलाफ की गई कार्रवाई से नाराज डॉक्टर गए छुट्टी पर

फाइल फोटो

खास बातें

  1. फर्रुखाबाद में नवजातों की मौत का मामला
  2. डॉक्टर गए सामूहिक अवकाश पर
  3. कार्रवाई से नाराज हैं डॉक्टर
नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश के फरुर्खाबाद के एक सरकारी अस्पताल में 49 नवजातों की मौत होने के बाद अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सकों के खिलाफ लगाए गए आरोपों के विरोध में मंगलवार से जिले के सरकारी चिकित्सक सामूहिक अवकाश पर चले गए. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर सोमवार को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) जिला अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ), मुख्य चिकित्सा अधीक्षक (सीएमएस) और एक वरिष्ठ बाल विशेषज्ञ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई. राज्य के चिकित्सक संघों के पदाधिकारियों ने बताया कि चिकित्सकों ने सात सितंबर तक अवकाश पर रहने का फैसला किया है, लेकिन उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि आपातकालीन सेवाओं और पोस्टमॉटर्म सेवाओं में कोई व्यवधान नहीं आएगा.  प्रांतीय चिकित्सा सेवा (पीएमएस) संघ ने राज्य सरकार से नवजातों की मौतों की जांच करने के लिए एक तकनीकी टीम का गठन करने का आग्रह किया है. 

पढ़ें : फर्रुखाबाद में 49 बच्चों की मौत के बाद अब DM बनाम CM की लड़ाई!

एक गैर-तकनीकी टीम सही इलाज नहीं मिलने, उचित ध्यान नहीं देने और ऑक्सीजन की कमी के चलते 20 जुलाई से 21 अगस्त के बीच नवजात गहन चिकित्सा इकाई में 30 शिशुओं और प्रसव कक्ष में 19 शिशुओं की मौत की जांच कर रही हैं. राज्य सरकार पर जल्दबाजी और दबाव में फैसला लेने का आरोप लगाते हुए चिकित्सकों ने आगाह किया है कि निर्दोष चिकित्सकों का उत्पीड़न फौरन बंद किया जाना चाहिए.  

वीडियो : फर्रुखाबाद में भी नवजात बच्चों की मौत
प्रधान सचिव (स्वास्थ्य) प्रशांत त्रिवेदी को भेजी गई एक विज्ञप्ति में पीएमएस चिकित्सकों ने भी तीनों चिकित्सकों के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी को फौरन वापस लेने की मांग की है. 

इनपुट : आईएनएस


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