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Exclusive: मुजफ्फरनगर में सामने आया CCTV फुटेज, पुलिस कर रही तोड़फोड़, सबूत मिटाने के लिए कैमरे भी तोड़े

मुज़फ़्फरनगर के खालापार इलाक़े में पुलिस ने दर्ज़नों सीसीटीवी कैमरे तोड़े, मस्जिद की खिड़की तोड़ दी

मुजफ्फरनगर:

शुक्रवार को उत्तर प्रदेश में नागरिक संशोधन के ख़िलाफ़ हुए हिंसक प्रदर्शनों में कुल 15 मौतें हुई हैं. यहां पुलिस का दावा है कि उपद्रवियों ने तोड़फ़ोड़ की और गोलियां चलाईं. वहीं एनडीटीवी की ख़ास पड़ताल में हमने पाया कि शुक्रवार को पुलिस ने तोड़फ़ोड़ की और ये सब कैमरे में क़ैद न हो इसलिए पुलिस ने तमाम सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए.

72 साल के दादा हामिद हसन के कंधे पर सर रखकर ज़ोर ज़ोर से रोती मिली 22 साल की रूक्क़ईयां परवीन. हामिद हसन हमें अपने बिखरे घर में टूटी पड़ी तमाम चीज़ें और सामान को दिखाकर सुबकने लगे. हामिद हसन का आरोप है कि शुक्रवार देर रात पुलिस ने उनके घर में तोड़फ़ोड़ की और घर वालों को पीटा. परिवार का कहना है कि रूक्क़ईयां को पुलिस ने सिर पर लाठी मारी. उनको 6 टांके लगे हैं.

रुक्कईयां ने कहा कि मेरे सर पर पुलिस ने मारा है. पूरा घर तोड़ दिया. हामिद हसन ने कहा कि पुलिस दीवार फ़ांदकर आई. मैं 72 साल का हूं, मुझे भी पीटा, देखो मेरा पैर सूजा हुआ है.

ये कहानी सिर्फ़ हामिद के घर की नहीं बल्क़ि पड़ोस के दर्ज़नों घरों की है जहां आरोप है कि पुलिस ने शुक्रवार रात
घरों में घुसकर तोड़फ़ोड़ किया. हमें कई घरों में पुलिस की लाठी और RAF की टोपी भी मिलीं.शायरा बानो ने कहा कि रात में घुस आए, पूरे घर में घुसकर तोड़फ़ोड़ की. हम बहुत डर गए थे. पूछ रहे थे कि घर के आदमी कहां हैं.

अब सवाल ये उठता है कि क्या वाक़ई पुलिस ने तोड़फ़ोड़ की है. सीसीटीवी फ़ुटेज में साफ़ तौर पर पुलिस तोड़फ़ोड़ करते दिख रही है. तमाम पुलिसवाले घरों में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ रहे हैं.

मुज़फ़्फरनगर के खालापार इलाक़े में पुलिस ने एक मस्ज़िद की ख़िड़की तोड़ी और फिर एक पुलिस वाला चुन चुन कर सीसीटीवी कैमरे तोड़ रहा है. खालापार इलाक़े में पुलिस ने दर्ज़नों सीसीटीवी कैमरे तोड़े. सीसीटीवी फ़ुटेज में पुलिस वाले अंधेरे में तोड़फ़ोड़ करते दिख रहे हैं. एक पुलिस वाला डंडा मारकर दुकान के अंदर रखा सामान तोड़ता दिख रहा है.

हम तमाम सवालों के साथ मुज़फ़्फ़रनगर के पुलिस अधिक्षक सतपाल अंटिल से मिले. हमने तोड़फ़ोड़ के बारे में पूछा तो एसपी साहब साफ़ मुकर गए. उन्होंने कहा कि हमारी फोर्स अनुसाशित है, हमने ऐसा कुछ नहीं किया.

सवाल यही उठता है कि जब पुलिस ही उग्र हो जाए तो लोग कहां जाकर गुहार लगाएं.