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बसपा से निकाले गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बनाया 'राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा'

बहुजन समाज पार्टी से निष्काषित नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को ‘राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा’ संगठन बनाने की घोषणा की है. इसके संयोजक नसीमुद्दीन ही होंगे.

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बसपा से निकाले गए नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बनाया 'राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा'

बहुजन समाज पार्टी से निष्काषित नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को ‘राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा’ संगठन बनाने की घोषणा की है.

खास बातें

  1. नसीमुद्दीन सिद्दीकी होंगे ‘राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा’ के संयोजक
  2. कहा - "राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा समाज को एक नया राजनीतिक विकल्प देगा
  3. नसीमुद्दीन को 10 मई को मायावती ने पार्टी से बाहर निकाल दिया था
लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी से निष्काषित नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने शनिवार को ‘राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा’ संगठन बनाने की घोषणा की है. इसके संयोजक नसीमुद्दीन ही होंगे. यहां  शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया कि सिद्दीकी और उनके समर्थकों ने एक बैठक के बाद कहा, "राष्ट्रीय बहुजन मोर्चा समाज को एक नया राजनीतिक विकल्प देने का काम करेगा. यह मोर्चा समाज में सदभाव, भाईचारा तथा सभी वर्गो को राजनीतिक, सामाजिक भागीदारी सुनिश्चित करेंगा."

मोर्च में सह संयोजक के रूप में ब्रह्म स्वरूप सागर, ओपी सिंह तथा अच्छे लाल निषाद को शामिल किया गया है. मोर्चे के संयोजक और सह संयोजक को इस संगठन द्वारा अधिकृत किया गया है कि संगठन को प्रत्येक स्तर पर विस्तारित करने के लिए तैयार कर शीघ्र ही जनसंपर्क अभियान शुरू करेगा तथा हर स्तर पर मोर्चा के सदस्य व पदाधिकारी बनाए जाए. सह संयोजक सिंह ने बताया कि बहुजन समाज पार्टी के बहुत से नेता कार्यकर्ता जल्द ही मोर्चा से जुड़ेंगे और संगठन को विस्तार देने का काम जल्द शुरू किया जाएगा.

गौरतलब है कि बसपा के मुस्लिम चेहरा माने जाने वाले नसीमुद्दीन को पार्टी विरोधी गतिविधियों के चलते 10 मई को पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पार्टी से बाहर निकाल दिया था. पार्टी से निकाले जाने के बाद नसीम ने घोषणा की कि वह ऐसे आडियो टेप जारी करेंगे जिसमें मायावती उनसे पैसे की मांग कर रही है. उन्होंने ऐसे 150 से अधिक ऑडियो टेप होने का दावा किया और मीडिया को कुछ ऐसे टेप भी सुनाये जिसमें कथित तौर पर मायावती द्वारा उनसे पैसे मांगने की बात कही गई थी.

नसीमुद्दीन ने आरोप लगाया था कि मायावती की गलत नीतियों की वजह से बसपा ने 2009 और 2014 के लोकसभा चुनावों में बहुत ही खराब प्रदर्शन किया था. यहीं नही पार्टी की 2017 में विधानसभा चुनाव में हुई जबरदस्त हार भी पार्टी की नीतियों की वजह से हुई थी. उन्होंने निकाले जाने के बाद पत्रकारों से बातचीत में मायावती पर आरोप लगाया था कि मायावती सवर्ण जाति, पिछड़ी जाति और मुस्लिमों के खिलाफ गलत अभद्र भाषा का प्रयोग करती है.

 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


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