गैंगरेप के आरोपी यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति ने कोविड-19 का हवाला देकर मांगी जमानत

गैंगरेप के आरोपी उत्तरप्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा बताकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत देने की मांग की है.

गैंगरेप के आरोपी यूपी के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति ने कोविड-19 का हवाला देकर मांगी जमानत

उत्तर प्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रजापति. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • कोविड-19 से खतरे का हवाला देकर मांगी जमानत
  • फिलहाल इलाज के लिए KGMU में भर्ती
  • 2017 में दर्ज हुआ था गैंगरेप केस
लखनऊ:

गैंगरेप के आरोपी उत्तरप्रदेश के पूर्व मंत्री गायत्री प्रसाद प्रजापति ने कोरोनावायरस के संक्रमण का खतरा बताकर इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत देने की मांग की है. फिलहाल गायत्री प्रजापति का कानपुर के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में इलाज चल रहा है. उसने अपनी जमानत की अपील में कोविड-19 से संक्रमण के खतरे को वजह बताई है. जस्टिस अनिल कुमार ने इस पर राज्य सरकार से चार जून तक स्थिति साफ करने को कहा है.

बता दें कि कि गायत्री की पहली जमानत अर्जी खारिज हो चुकी है. दूसरी अर्जी देकर उसने कहा है कि वह गंभीर रोग से पीड़ित हैं, लिहाजा उसे इलाज कराने के लिए जमानत दी जाए. अदालत के आदेश पर प्रजापति का केजीएमयू में इलाज हो रहा है.

अब इस बार प्रजापति ने दलील दी है कि केजीएमयू के जिस विभाग में वह भर्ती है वहां उसे कोरोनावायरस से संक्रमण का खतरा है क्योंकि यह वार्ड कोरोना वार्ड के पास है. अपर शासकीय अधिवक्ता (Additional Government Advocate) अनुराग वर्मा ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से सुनवाई के दौरान अदालत को जानकारी दी कि गायत्री को केजीएमयू में पूरा इलाज मिल रहा है.

Newsbeep

इस पर कोर्ट से गायत्री के वकील एसके सिंह ने केजीएमयू की ही रिपेार्ट का हवाला देकर कहा कि इसमें तो साफ लिखा है कि केजीएमूय में मरीजों का कोरोनावायरस का खतरा अधिक है. इस पर कोर्ट ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद सरकारी वकील को पूरी स्थिति साफकरने का आदेश दे दिया है.

Listen to the latest songs, only on JioSaavn.com


बता दें कि उत्तर प्रदेश की पूर्व समाजवादी सरकार में काबीना मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर साल 2017 में गैंगरेप केस में मुकदमा दर्ज हुआ था. इस केस में 3 जून, 2017 को गायत्री के अलावा छह अन्य पर चार्जशीट दाखिल की गई थी, जिसके बाद 18 जुलाई, 2017 को लखनऊ की पॉक्सो स्पेशल कोर्ट ने सातों आरोपियों पर पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था.

वीडियो: यूपी के बाराबंकी में एक दिन में कोरोना के 95 मामले आए सामने


(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)