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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 60 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत : जानें अब तक क्या हुआ...

मुख्यमंत्री ने ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत की खबरों से इनकार कर दिया. आइए जानें इस मामले में अब तक क्या हुआ...

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उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में 60 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत : जानें अब तक क्या हुआ...

उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में बच्चों की दर्दनाक मौत : जानें अब तक क्या हुआ... (प्रतीकात्मक फोटो)

खास बातें

  1. गोरखपुर के अस्पताल में 30 से ज़्यादा मासूमों की मौत
  2. कहा जा रहा है कि ऑक्सीजन की कमी से हुई हैं मौतें
  3. सीएम का कहना है कि यह वजह नहीं, जांच बिठा दी गई है
नई दिल्ली/गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में सरकारी हॉस्पिटल में पांच दिनों के भीतर हुई 60 से अधिक बच्चों की दर्दनाक मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है. बता दें कि गोरखपुर पिछले 20 सालों से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का चुनाव क्षेत्र है. मुख्यमंत्री ने इस मामले में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑक्सीजन की कमी से बच्चों की मौत की खबरों से इनकार कर दिया. 

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आइए जानें इस मामले में अब तक क्या हुआ... 

- उत्तर प्रदेश सरकार का कहना है कि सभी मौतें ऑक्सीजन सप्लाई रुकने से नहीं हुई हैं. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का कहना है कि राज्य के मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति प्रकरण की जांच करेगी और किसी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. योगी ने कहा कि तथ्य को मीडिया सही तरीके से पेश करे. सीएम योगी ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में हादसे से ज्यादा अपने कार्यों पर जोर दिया. उन्होंने अस्पताल के दौरे के अलावा पूरे प्रदेश के स्वास्थ्य इंतजाम पर सफाई दी.

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- गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज के प्रिंसिपल डॉक्टर राजीव मिश्र ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया. उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने प्रिंसिपल के इस्तीफे की खबर की पुष्टि करते हुए कहा कि उन्होंने इस्तीफा दे दिया है लेकिन हम उन्हें पहले ही निलंबित कर चुके हैं और उनके खिलाफ जांच भी शुरू की गयी है.

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-इलाहाबाद में एक सभा में भी योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि उनके गृह नगर में बच्चों की मौत गंदगी भरे वातावरण और खुले में शौच के चलते हुई है. आदित्यनाथ ने कहा, "मच्छरों से फैलने वाली कई बीमारियां हैं, जिसमें इनसेफलाइटिस भी शामिल है.

- एनडीटीवी के पास मौजूद चिट्ठी में स्पष्ट पता चल रहा है कि ऑक्सीजन सप्लाई करने वाली कंपनी ने स्थानीय डीएम को सूचित किया था कि बकाया भुगतान नहीं हुआ तो वे कड़ा कदम उठाएंगे. एक चिट्ठी में कहा गया कि सिलिंडर की सप्लाई नहीं कर पाएंगे क्योंकि 63 लाख रुपये से ज़्यादा का बकाया हो गया है. दूसरी चिट्ठी 10 अगस्त की है जो ऑक्सीजन सिलिंडर सप्लाई करने वाली कंपनी के कर्मचारियों ने लिखी थी.
 
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- मीडिया रिपोर्ट्स में कहा जा रहा है कि इस अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला 7 अगस्त को ही शुरू हो गया था. 9 तारीख की आधी रात से लेकर 10 तारीख की आधी रात को 23 मौतें हुईं जिनमें से 14 मौतें नियो नेटल वॉर्ड यानी नवजात शिशुओं को रखने के वॉर्ड में हुई जिसमें प्रीमैच्योर बेबीज़ रखे जाते हैं. 

- शनिवार को अस्‍पताल में ऑक्‍सीजन सिलिंडर सप्‍लाई करने वाली कंपनी पुष्‍पा सेल्‍स के मालिक मनीष भंडारी के घर पर छापा मारा गया था. विपक्ष ने सीएम से इस्तीफा मांगा और कांग्रेस के नेताओं का दल मौके पर पहुंचा हालांकि कहा जा रहा है कि मुख्यमंत्री खुद मौके पर नहीं पहुंचे इसका लोगों में अच्छा खासा रोष है.

वीडियो- गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में बच्चों की मौत का जिम्मेदार कौन?


इनपुट : भाषा


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