NDTV Khabar

गोरखपुर बीआरडी हादसा : पुलिस ने तथ्य जुटाने के नाम पर मांगी रिमांड

वहीं आरोपी दंपति की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ताओं ने पुलिस रिमांड पर दिए जाने के खिलाफ अपना पक्षा रखा.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
गोरखपुर बीआरडी हादसा : पुलिस ने तथ्य जुटाने के नाम पर मांगी रिमांड

(प्रतीकात्मक तस्वीर)

गोरखपुर: गौरखपुर जिले में बच्चों की मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है. उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले के बाबा राघवदास (बीआरडी) मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन की आपूर्ति रुकने से 60 से ज्यादा बच्चों की मौत के मामले के आरोपी निलंबित प्राचार्य डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा को गुरुवार को अदालत में पेश किया गया, जहां से दोनों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया. डॉ. मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला (सीनियर होमियोपैथी मेडिकल ऑफिसर) को गुरुवार को कड़ी सुरक्षा में अपर जिला सत्र न्यायाधीश शिवानंद सिंह की अदालत नंबर आठ में पुलिस ने पेश किया, जहां से पुलिस ने न्यायालय से मांग की कि इस गंभीर मामले में उन्हें काफी तथ्य जुटाने हैं और इसलिए दोनों को पुलिस रिमांड पर भेज दिया जाए, ताकि एफआईआर में उन पर लगाए गए आरोपों की पड़ताल कर जरूरी साक्ष्य जुटाए जा सकें.
 
वहीं आरोपी दंपति की ओर से अदालत में पेश अधिवक्ताओं ने पुलिस रिमांड पर दिए जाने के खिलाफ अपना पक्षा रखा. उनका तर्क था कि डॉ. दंपति एक जिम्मेदार और संभ्रांत नागरिक हैं. पुलिस की जांच में वे हर संभव सहयोग के लिए तत्पर हैं, इसलिए उन्हें पुलिस रिमांड पर दिए जाने के बजाय न्यायिक हिरासत में जेल भेजा जाए.

 यह भी पढे़ं : गोरखपुर हादसा : डॉक्टर राजीव मिश्रा और पत्नी को भेजा गया 14 दिन की न्यायिक हिरासत में

यह संभ्रांत दंपति कानपुर में एक वकील के यहां छुपे हुआ था, जहां से दोनों को मंगलवार को पुलिस ने हिरासत में लिया था. न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के बाद डॉ. राजीव मिश्रा और उनकी पत्नी डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया.
 
 यह भी पढे़ं : गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में इस माह अब तक 290 बच्चों की मौत

टिप्पणियां
जेल में डॉ. राजीव मिश्र को नेहरू भवन के सामने नेहरू कक्ष में दस आदर्श कैदियों के साथ रखा गया है तथा डॉ. पूर्णिमा शुक्ला को महिला बैरक में रखा गया है. डॉ. राजीव मिश्र की सघन तलाशी पुरुष आरक्षी व डॉ. पूर्णिमा शुक्ला की महिला आरक्षियों ने ली. गोरखपुर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक ने कहा कि डॉक्टर दंपति की सुरक्षा पर विशेष ध्यान रखा गया है.

VIDEO :  गोरखपुर में इस साल अब तक 1250 बच्चों की मौत​
एफआईआर लखनऊ के हजरतगंज थाने में दर्ज कराई गई थी और बाद में मामले को गोरखपुर स्थानांतरित कर दिया गया था.(इनपुट आईएएनएस से)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement