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गोरखपुर हादसा: बच्चों की मौत मामले की जांच के लिए दिल्ली से टीम रवाना

दोनों की रिपोर्ट में जो भी इसके लिए दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.

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गोरखपुर हादसा: बच्चों की मौत मामले की जांच के लिए दिल्ली से टीम रवाना

गौरखपुर हादसा (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. गौरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज का है मामला.
  2. इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनी है.
  3. इस मामले में 30 मासूमों की मौत हो गई है.
लखनऊ: गोरखपुर के अस्पताल में ऑक्सीजन की कमी के कारण किसी की मौत होने और इस संबंध में किसी भी प्रकार की लापरवाही बरतने को जघन्य अपराध बताते हुए प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि बाबा राघव दास मेडिकल कॉलेज, गोरखपुर में हुई बच्चों की मौत के मामले की जांच प्रदेश की मुख्य सचिव की कमेटी के अलावा दिल्ली के तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की एक टीम भी कर रही है. दोनों की रिपोर्ट में जो भी इसके लिए दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी.
 
स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि उन्होंने प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से आक्सीजन के स्टॉकआदि के बारे में जानकारी मंगवाई थी, कहीं से किसी कमी की सूचना नहीं मिली है. सिंह आज यहां योजना भवन में पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे. उसी दौरान बाबा राघव दास मेडिकल कालेज में 30 बच्चों की मौत के बाबत पूछे गये एक सवाल के जवाब में उन्होंने कहा, ‘ऑक्सीजन आपूर्ति करने वाले और बीआरडी कॉलेज के लोगों के भीतर इसे लेकर संवेदनशीलता होनी चाहिये थी क्योंकि यह जरूरी है. ऑक्सीजन के कारण किसी की मौत हो जाये यह एक जघन्य अपराध है, यदि इसमें किसी प्रकार की लापरवाही होती है, तो वह भी एक गंभीर अपराध है.

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इसकी जांच के लिए एक कमेटी बनी है. उसकी जांच में पैसे लेना, कमीशन लेना, फलां कारणों से भुगतान नहीं किया गया जैसी बातें सामने आ रही हैं. उनकी भी जांच की जा रही है.’’ सिंह ने कहा, ‘दिल्ली के तीन वरिष्ठ डाक्टरों की एक टीम भी इस मामले की जांच कर रही है. वह भी अपनी रिपोर्ट देगी. मुख्य सचिव की कमेटी की भी रिपोर्ट आयेगी. दोनों रिपोर्ट में यदि कोई भी दोषी या जिम्मेदार पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी.’ उन्होंने कहा कि घटना के दिन प्राथमिक जांच के आधार पर बीआरडी कालेज के प्राचार्य के खिलाफ कार्रवाई की गयी.
 
स्वास्थ्य मंत्री ने एक अन्य सवाल के जवाब में कहा कि प्रदेश के सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों से ऑक्सीजन की कमी या बिल बकाया होने के संबंध में सूचना मांगी गयी थी. कहीं से किसी कमी की कोई जानकारी नहीं आयी है. उन्होंने बताया कि गोरखपुर के आसपास के जिलों के अस्पतालों, प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रो को सभी आवश्यक सुविधायें देकर इतना बेहतर बनाया जा रहा है कि आसपास के जिलों के आने वाले रोगियों का संपूर्ण इलाज उनके गांव या जिले के अस्पताल में ही हो जाये. उन्हें गोरखपुर के बाबा राघव दास मेडिकल कालेज तक आना ही ना पड़े.

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मंत्री ने कहा कि इस बार एइएस और जेई प्रभावित जिलों के 93 लाख बच्चों का टीकाकरण किया गया है.


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