NDTV Khabar

राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा-तोमर को बर्खास्त करें

राजभवन की ओर से बताया गया है कि राज्यपाल ने भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों से घिरे एकेटीयू के निलंबित कुलसचिव यूएस तोमर को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है.

6 Shares
ईमेल करें
टिप्पणियां
राज्यपाल राम नाईक ने सीएम योगी को लिखा पत्र, कहा-तोमर को बर्खास्त करें

उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक. (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. राज्यपाल ने भ्रष्टाचार में घिरे यूएस तोमर को बर्खास्त करने का लिया फैसला
  2. सीएम योगी को लिखे पत्र में आवश्यक आदेश पारित करने को कहा
  3. तोमर पर लगे आरोपों की जांच के लिए एक जांच समिति गठित की गई थी
लखनऊ: उत्तर प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति राम नाईक ने लखनऊ स्थित डॉक्टर एपीजे अब्दुल कलाम प्राविधिक विश्वविद्यालय (एकेटीयू) के निलंबित कुलसचिव को बर्खास्त करने के लिए सीएम योगी आदित्यनाथ को पत्र लिखा है. राजभवन की ओर से बताया गया है कि राज्यपाल ने भ्रष्टाचार समेत कई आरोपों से घिरे एकेटीयू के निलंबित कुलसचिव यूएस तोमर को बर्खास्त करने का निर्णय लिया है. नाईक ने इस सिलसिले में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को लिखे पत्र में तोमर को बर्खास्त करने के संबंध में आवश्यक आदेश पारित करने को कहा है.

यह भी पढ़ें : उप्र में योगी सरकार को कानून-व्यवस्था में और सुधार की जरूरत : राज्यपाल राम नाईक

तोमर पर क्या है आरोप 
तोमर पर 44 कॉलेजों को उच्चतम न्यायालय के आदेश के खिलाफ जानबूझकर सम्बद्धता प्रदान करने, शासन के एक पत्र में रिट याचिकाओं में पैरवी न करने, जानबूझकर न्यायालय में प्रतिशपथ-पत्र दाखिल ना करने, सत्र 2014-15 में कुलसचिव के रूप में अपने स्तर से अनाधिकृत बैंक खाता खोलकर एवं विश्वविद्यालय की आधिकारिक वेबसाइट से इतर किसी अन्य वेबसाइट को शुरू करते हुए संस्थाओं से ऑनलाइन आवेदन प्राप्त करने समेत भ्रष्टाचार एवं अनुशासनहीनता के कई आरोप लगे थे.

यह भी पढ़ें : उत्तर प्रदेश के राज्यपाल ने राजभवन की गरिमा को कमतर किया है : आजम खान

जांच समिति का किया था गठन
राज्यपाल ने तोमर पर लगे आरोपों की जांच के लिए 5 नवंबर 2015 को अवकाश प्राप्त न्यायमूर्ति एसके  त्रिपाठी की अध्यक्षता में एक जांच समिति का गठन किया था. नाईक ने 23 नवंबर 2015 को तोमर को कुलसचिव पद से निलंबित कर दिया था. जांच समिति ने पिछली 31 मई को अपनी 483 पन्नों की अंतिम जांच रिपोर्ट राज्यपाल को सौंपी थी.

वीडियो देखें :  गोविंदा ने मुझे हराने के लिए दाऊद इब्राहीम की मदद ली थी : राम नाईक



अंतिम नोटिस की थी जारी
राज्यपाल ने गत 14 और 17 जुलाई को व्यक्तिगत रूप से उनको सुनवाई का अवसर प्रदान किया था. तोमर को सुनने के बाद नाईक ने 20 जुलाई को उन्हें अंतिम नोटिस जारी की थी. 

(इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है. यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

Advertisement