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उत्तर प्रदेश में गुटका और पान मसाला पर रोक लगनी चाहिए: स्वास्थ्य मंत्री

इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में गुटका और पान मसाले पर रोक लगाने की जरूरत बताई. स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि उनका यह मानना है कि गुटका और पान मसाला बैन होना चाहिए क्योंकि इससे कैंसर होता है.

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उत्तर प्रदेश में गुटका और पान मसाला पर रोक लगनी चाहिए: स्वास्थ्य मंत्री

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. पिट एंड फिशर सीलेट का पॉयलेट प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के माध्यम से शुरू हुआ
  2. ये प्रोजेक्ट विशेष रूप से बच्चों के लिए है.
  3. डेंटल के डॉक्टर भी भर्ती किए जाएंगे.
लखनऊ: एक विशेष योजना का शुभारम्भ करते हुए उत्तर प्रदेश के स्वास्थ मंत्री ने प्रदेश में गुटका और पान मसाले पर रोक लगाने की जरूरत भी बताई. 

उत्तर प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह व केंद्रीय समाज कल्याण राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने मंगलवार को किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में 'पिट एंड फिशर सीलेट' की पायलट योजना का शुभारंभ किया. इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री ने प्रदेश में गुटका और पान मसाले पर रोक लगाने की जरूरत बताई. स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थनाथ सिंह ने कहा कि उनका यह मानना है कि गुटका और पान मसाला बैन होना चाहिए क्योंकि इससे कैंसर होता है.

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कार्यक्रम के दौरान स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि उनके पिता का निधन भी मुंह के कैंसर की वजह से हुआ था. यह बेहद खतरनाक है, यह फेफड़े को गला देता है. पान मसाला व सिगरेट का सेवन करने वाले के साथ उसके आसपास के लोगों के लिए भी यह घातक है. इस पर पूरे तरीके से रोक लगनी चाहिए.

'पिट एंड फिशर सीलेट' योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा, 'उत्तर प्रदेश में पिट एंड फिशर सीलेट का पॉयलेट प्रोजेक्ट केंद्र सरकार के माध्यम से शुरू हुआ है. ये प्रोजेक्ट विशेष रूप से बच्चों के लिए है, क्योंकि उनके दांत सड़ जाते हैं. दांतों के बीच गैप आ जाते हैं. साथ ही उसके अंदर कुछ बैक्टेरिया भी आता है और खाना भी फंस जाता है, जिससे ठीक से ब्रश नहीं हो पाता.'

उन्होंने बताया कि दांतों की बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए 500 डॉक्टरों की भर्ती की जाएगी. ये डेंटल सर्जन सामुदायिक व प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में तैनात होंगे. इसका प्रस्ताव तैयार हो चुका है. जल्दी भर्ती की प्रक्रिया शुरू की जाएगी. 

सिंह ने कहा, 'स्वास्थ्य विभाग में डॉक्टरों की जबरदस्त कमी थी. सरकार ने मरीजों को जल्दी ही बिना इंतजार बेहतर इलाज मुहैया कराने के लिए 2000 डॉक्टरों की भर्ती की है. इससे मरीजों को काफी राहत मिली है. डेंटल के डॉक्टर भी भर्ती किए जाएंगे, ताकि मरीजों को अच्छे इलाज के लिए प्राइवेट अस्पताल न जाना पड़े.'

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केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि बच्चों को दांतों से संबंधित बीमारियों से बचाने के लिए यह अच्छी पहल की जा रही है.

(इनपुट आईएएनएस से)


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