हाथरस गैंगरेप : पीड़िता की मां ने घटना वाले दिन मीडिया को दिया था ये बयान, पढ़ें- पूरी बातचीत

हाथरस में 14 सितंबर को 19 वर्षीय लड़की के साथ हैवानियत की सारी हदों को पार किया गया था. घटना के कुछ देर बाद पीड़िता की मां ने स्थानीय मीडिया के समक्ष घटना को लेकर बयान दिए थे. उन्होंने क्या कहा था, पढ़िए पूरी बातचीत :

हाथरस गैंगरेप : पीड़िता की मां ने घटना वाले दिन मीडिया को दिया था ये बयान, पढ़ें- पूरी बातचीत

पीड़िता की इलाज के दौरान मौत हो गई थी. (फाइल फोटो)

खास बातें

  • हाथरस गैंगरेप पर बढ़ता बवाल
  • 14 सितंबर को हुई थी वारदात
  • इलाज के दौरान पीड़िता की मौत
हाथरस:

हाथरस गैंगरेप मामले (Hathras Gang Rape case) में इलाहाबाद हाईकोर्ट (Allahabad High Court) ने स्वत: संज्ञान लिया है. अदालत ने हाथरस मामले से जुड़े सभी उच्च अधिकारियों को नोटिस भेज तलब किया है. जिन अधिकारियों को ये नोटिस भेजे गए हैं, उनमें UP के डीजीपी, एडीजी लॉ एंड ऑर्डर, हाथरस के डीएम और एसपी शामिल हैं. कोर्ट ने सभी को 12 अक्टूबर को पेश होने के लिए कहा है. 14 सितंबर को यह घटना हुई थी. उसी दिन पीड़िता के साथ हैवानियत की सारी हदों को पार किया गया था. घटना के कुछ देर बाद पीड़िता की मां ने स्थानीय मीडिया के समक्ष घटना को लेकर बयान दिए थे. उन्होंने क्या कहा था, पढ़िए पूरी बातचीत :

सवाल- क्या हुआ, किस बात को लेकर मारा है?

जवाब- घास लेने गए थे, वहीं पर मारपीट हो गई. मैं थोड़ी पीछे थी, सोई उसने पीछे से आकर खींच ले गया बाजरा में. मुझे मालूम न पड़ी टैटिया एक दम्म कस दी (एक दम गला दबा दिया) आवाज नहीं निकलने दी.

सवाल- किसने कसी है (किसने खींची है)?

जवाब- ठाकुर के लड़के ने.

सवाल- फिर क्या हुआ, किन-किन लोगों ने मारा था?

जवाब- खाली एक ही लड़का था.

सवाल- क्या नाम है उसका?

जवाब- संदीप, बाप का नाम है गुड्डू.

सवाल- क्या कोई रंजिश चल रही है?

जवाब- हां, रंजिश चल रही थी. पहले हमारे ससुर की चांद फाड़ दी थी दरांती से (हमारे ससुर का सिर फाड़ दिया था हसिये से). रंजिश चली आ रही थी. रंजिश चल रही थी 15-16 साल से. वो लड़का कहता था कि एक-एक करके मारूंगा.

सवाल- क्या आपने उस मामले कोई शिकायत की थी?

जवाब- हां, उस मामले में 6 महीने बाद छूट कर आए थे (मतलब 6 महीने जेल में रहे थे आरोपी).

सवाल- फिर आज ये किया?

जवाब- हां, अकेला देखकर लड़की को.

सवाल- क्या पुलिस आई थी?

जवाब- नहीं, हम तो थाने से होकर आए हैं.

सवाल- क्या कहा पुलिस ने?

जवाब- गांव ले जाओ, आकर देखेंगे उनको.

सवाल- FIR करा दी?

जवाब- हां.

बताते चलें कि अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों के कल्याण पर संसद की स्थायी समिति के प्रमुख और BJP सांसद किरीट सोलंकी (Kirit Solanki) ने बृहस्पतिवार को कहा कि हाथरस कांड की दलित पीड़िता का अंतिम संस्कार देर रात में किए जाने के बाद पुलिस की कार्रवाई से लोगों में गुस्सा है. उत्तर प्रदेश पुलिस को अधिक संवेदनशील और जिम्मेदार होना चाहिए.

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