कानपुर एनकाउंटर में शामिल पुलिस अध‍िकारी ने बयां किया मुठभेड़ का वो भयावह मंजर...

'जैसे ही हम घर के पास पहुंचे हम पर चारों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई. हम तुंरत बचने के लिए दौड़े '

कानपुर:

कुख्यात अपराधी विकास दुबे को गिरफ्तार करने के लिए गठित टीम का हिस्सा रहे पुलिस अधिकारी उस विफल छापेमारी का पूरा मंजर बयां किया. कानपुर के बिठूर पुलिस स्टेशन के एसएचओ कौशलेंद्र प्रताप सिंह उन तीन पुलिस स्टेशनों की टीम का हिस्सा थे जो इस छापेमारी को अंजाम देने के लिए गठित की गई थी. कौशलेंद्र प्रताप सिंह ने उस वारदात का पूरा मंजर बयां किया जिसमें 8 पुलिसकर्मी ड्यूटी के दौरान शहीद हो गए थे.उन्होंने बताया, 'हमें विकास दुबे के घर से 150-200 मीटर की दूरी पर अपने वाहन छोड़ने पड़े थे क्योंकि अर्थमूवर्स के द्वारा रास्ता ब्लॉक कर दिया गया था. हम वहां तक चलकर गए. वहां छत पर खड़े लोग हमारा पहले से इंतजार कर रहे थे. जैसे ही हम घर के पास पहुंचे हम पर चारों तरफ से फायरिंग शुरू हो गई. हम तुंरत बचने के लिए दौड़े '

शुक्रवार तड़के अपराधियों द्वारा हुई इस गोलीबारी में डिप्टी एसपी सहित 8 पुलिस कर्मियों ने अपनी जान गंवा दी. अपने दो मिनट के बयान में कौशलेंद्र प्रताप ने बताया कि इस छापेमारी के असफल होने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं.

उन्होंने कहा, 'हमने कोशिश की कि हम उनकी फायरिंग का जवाब दें. लेकिन हम उन्हें ठीक से देख नहीं पा रहे थे, क्योंकि वो छत पर छिपे थे. और ऊंचाई पर होने की वजह से उन्होंने पहले राउंड की फायरिंग ही हमारी टीम के कई साथियों को घायल कर दिया था.' इस गोलीबारी में घायल हुए कौशलेंद्र् का अस्पताल में इलाज चल रहा है. उन्होंने बताया कि कैसे उन्होंने अपने दो साथियों की जान बचाई. 

'छापेमारी के दौरान मेरे साथ रहे दो अधिकारियों को गोली लगी. चूंकि वे मेरे साथ थे, मुझे उनके लिए जिम्मेदार लगा. मैंने बड़ी मुश्किल से उन्हें वहां से निकाला."

इस बीच चौबेपुर पुलिस का स्टाफ भी संदेह के घेरे में है. क्योंकि आज गिरफ्तार हुए विकास दुबे के गुर्गे ने पुलिस को बताया कि विकास दुबे को उसकी जल्द गिरफ्तारी की सूचना पुलिस द्वारा ही दी गई थी. उसने बताया कि यह जानकारी मिलने के बाद विकास दुबे ने अपने लोगों इकट्ठा किया और 50 लोगों की पुलिस टीम पर घात लगाकर हमला किया. 

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चौबेपुर पुलिस स्टेशन के इंचार्ज को सस्पेंड कर दिया गया है और पुलिस उनसे भी पूछताछ कर रही है. विकास दुबे हत्या, अपहरण, जबरन वसूली और मारपीट के 60 से ज्यादा मामलों में वॉन्टेड है, शुक्रवार से वह फरार है.

Video: देश प्रदेश : विकास दुबे का अब तक पता नहीं