UP: नवजात को सीने से लगाकर 7 घंटे तक भटकता रहा पिता, इलाज नहीं मिलने पर मासूम की मौत

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक पिता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल दर अस्पताल भटकता रहा लेकिन बच्चे को कहीं इलाज नहीं मिल सका और बच्चे ने पिता के आगोश में ही दम तोड़ दिया.

UP: नवजात को सीने से लगाकर 7 घंटे तक भटकता रहा पिता, इलाज नहीं मिलने पर मासूम की मौत

नवजात ने पिता के आगोश में ही दम तोड़ दिया.

खास बातें

  • उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा की घटना
  • इलाज नहीं मिलने पर नवजात की मौत
  • सीएमओ ने दिए घटना की जांच के आदेश
ग्रेटर नोएडा:

उत्तर प्रदेश के ग्रेटर नोएडा में एक पिता अपने नवजात बच्चे को लेकर अस्पताल दर अस्पताल भटकता रहा लेकिन बच्चे को कहीं इलाज नहीं मिल सका और बच्चे ने पिता के आगोश में ही दम तोड़ दिया. अपने बच्चे की मौत से टूट चुके पिता ने सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है. मामले के तूल पकड़ने के बाद स्वास्थ विभाग के अधिकारी इस मामले की जांच करने की बात कर रहे हैं, इसके लिए दो सदस्यीय एक कमेटी बनाई गई है.

एक पिता को सबसे ज्यादा खुशी उस समय मिलती है वह अपने बच्चे को आगोश में लेता है. ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-36 में रहने वाले राजकुमार एक ऐसे बदनसीब हैं, जिनके आगोश में ही उनके नवजात ने इलाज के अभाव में दम तोड़ दिया और वह कुछ भी नहीं कर सके. राजकुमार बताते है कि वह एक निजी फैक्ट्री में नौकरी करते हैं. कृष्णा लाइफ लाइन अस्पताल में उनकी पत्नी रेखा ने एक शिशु को जन्म दिया. रात करीब दस बजे बच्चे की हालत बिगड़ी तो अस्पताल प्रबंधन ने वेंटिलेटर की सुविधा न होने की बात कहकर बच्चे को डिस्चार्ज कर दिया.

नवजात को ग्रीन सिटी अस्पताल रेफर कर दिया गया. अस्पताल ने मोटा खर्चा बताया तो राजकुमार उसे सरकारी अस्पताल ले आए. 11 बजे एंबुलेंस को फोन किया तो वह ढाई घंटे बाद डेढ़ बजे आई. एंबुलेंस से नवजात को दादरी सरकारी अस्पताल ले जाया गया. हैरत की बात यह है कि वहां बच्चों के डॉक्टर नहीं थे. जो मौजूद थे, वह सो रहे थे. यही हाल बादलपुर स्वास्थ केंद्र में देखने को मिला.

पूरी रात यूं ही गुजर गई और एक पिता अपने बच्चे की जान बचाने के लिए अस्पतालों की चौखट पर ठोकर खाता रहा. सुबह करीब पांच बजे जब एंबुलेंस नवजात को लेकर नोएडा के सरकारी अस्पताल पहुंची, तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी. इस संबंध में जब कृष्णा लाइफ लाइन व ग्रीन सिटी अस्पताल से उनका पक्ष जानने के लिए फोन पर संपर्क किया गया तो दोनों अस्पताल प्रबंधन ने बात नहीं की. बच्चे की मौत के बाद भी स्वास्थ्य विभाग की नींद नहीं टूटी. परेशान पिता मोटरसाइकिल से बच्चे के शव को नोएडा से ग्रेटर नोएडा लेकर आए.

बच्चे की मौत से टूट चुके पिता ने सोशल मीडिया के माध्यम से न्याय की गुहार लगाई है. मामले के तूल पकड़ने के बाद गौतम बुद्ध नगर के सीएमओ डॉक्टर दीपक ओहरी ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं. इसके लिए दो सदस्यीय एक कमेटी बनाई गई है. पुलिस टीम पीड़ित पिता के घर पहुंची और बयान दर्ज किए लेकिन स्वास्थ्य विभाग की लापरवाही को लेकर किसी के पास कोई जवाब नहीं था.

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