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कैराना लोकसभा सीट पर उपचुनाव आज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना लोकसभा सीट पर सोमवार को होने जा रहे उपचुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं.

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कैराना लोकसभा सीट पर उपचुनाव आज, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

प्रतीकात्मक फोटो

खास बातें

  1. कैराना लोकसभा सीट पर आज होगा उपचुनाव
  2. मतदान के लिए सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं
  3. 16 लाख 9 हजार 628 मतदाता मतदान करेंगे
सहारनपुर: भाजपा सांसद हुकुम सिंह के निधन से खाली हुई कैराना लोकसभा सीट पर सोमवार को होने जा रहे उपचुनाव के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं. सहारनपुर के डीआईजी शरद सचान ने बताया कि सोमवार को होने वाले उपचुनाव की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई है. संसदीय क्षेत्र में सुरक्षा की दृष्टि से अर्द्धसैनिक बलों की 51 कंपनियों को भी तैनात किया जाएगा. पुलिस प्रशासन ने सोमवार को होने वाले उपचुनाव में पोलिंग पार्टिया रवाना कर दी गयी है. इसको लेकर मतदान केंद्रों पर लगे कर्मचारियों को एक दिन पहले ही दिशा निर्देश दिए गए थे. कैराना लोकसभा उपचुनाव पर 28 मई को 16 लाख 9 हजार 628 मतदाता मतदान करेंगे.

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कैराना लोकसभा सीट पर 662 मतदान केंद्र 1333 मतदय स्थल बनाए जाएंगे. इस उपचुनाव में 14 प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होना है. कैराना लोकसभा सीट पर सुरक्षा के लिहाज से 21 कम्पनी सेंटल आर्म्ड पुलिस फ़ोर्स,  5 कंपनी pac, 346 एसओ 530 हेड कॉन्स्टेबल और 3600 कांस्टेबल 60000 सिपाही कैराना उपचुनाव में निगरानी रखेंगे. 4707 मतदानकर्मी है. चुनाव के लिए 1032 पोलिंग पार्टियों को मतदान स्थलों के लिए रवाना कर दी गयी है. बता दें कि कैराना उपचुनाव मैदान में एक तरफ तो सत्ता पार्टी की प्रत्याशी मृगांका सिंह हैं, तो दूसरी तरफ गठबंधन की प्रत्याशी तबस्सुम हसन मैदान में हैं. दोनों प्रत्याशियों में कड़ा मुकाबला होने की संभावना जताई जा रही है. दोनों ही पार्टियां उपचुनाव को लेकर अपनी नाक का सवाल बनाकर कैराना उपचुनाव को जीतना चाहती हैं . 

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कैराना लोकसभा सीट के तहत पांच विधानसभा सीटें शामली जिले की थानाभवन, कैराना और शामली विधानसभा सीटों के अलावा सहारनपुर जिले की गंगोह और नकुड़ आती हैं. सत्तारूढ़ भाजपा का प्रचार करते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि सपा प्रमुख अखिलेश यादव के हाथों पर 2013 में मुजफ्फरनगर में हुए दंगों के पीड़ितों के खून के दाग हैं. वर्ष 2016 में हिन्दुओं के कथित पलायन का मुद्दा उठने के बाद कैराना में सांप्रदायिक तनाव भी रहा था.

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रालोद की प्रत्याशी तबस्सुम ने कहा कि भाजपा की ‘विभाजनकारी हरकतों’ के बावजूद उन्हें समान ‘विचारधारा वाली पार्टियों’ और समाज के विभिन्न तबकों से समर्थन मिल रहा है. विपक्ष उम्मीद लगा रहा है कि वोटों की लामबंदी भाजपा की मृगांका सिंह को शिकस्त देने के लिए काफी होगी. 2016 में कैराना से हिन्दू परिवारों का पलायन होने के हुकुम के इस दावे पर, रालोद की प्रत्याशी ने कहा, ‘‘कैराना में ऐसा कुछ नहीं हुआ था.’’


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