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कुशीनगर हादसा : 'हमलोग चिल्ला रहे थे ड्राइवर अंकल वैन रोक दो, लेकिन वे फोन पर बात कर रहे थे'

उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुए हादसे में बचे 9 साल के बच्चे ने कहा कि वह चालक से कह रहा था कि अंकल वैन रोक दो, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी, क्योंकि वह फोन पर बात कर रहा था.

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कुशीनगर हादसा : 'हमलोग चिल्ला रहे थे ड्राइवर अंकल वैन रोक दो, लेकिन वे फोन पर बात कर रहे थे'

कुशीनगर में हुए हादसे में 13 बच्चों की मौत हो गई.

कुशीनगर: उत्तर प्रदेश के कुशीनगर में हुए हादसे में बचे 9 साल के बच्चे ने कहा कि वह चालक से कह रहा था कि अंकल वैन रोक दो, लेकिन उसने उनकी बात नहीं सुनी, क्योंकि वह फोन पर बात कर रहे थे. घायल 9 साल के छात्र कृष्णा वर्मा ने बताया, 'हम सब बच्चे चिल्ला रहे थे और ड्राइवर अंकल से कह रहे थे कि वैन रोक दो, लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया, क्योंकि वह फोन पर व्यस्थ थे और हम लोगों की आवाज उन्हें सुनाई ही नहीं दे रही थी.' 

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बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. गणेश कुमार ने बताया कि कृष्णा के पैर में चोट है और वह खतरे से बाहर है, लेकिन अन्य तीन घायल बच्चों की हालत काफी गंभीर है. गौरतलब है कि कुशीनगर के पास दुदुही में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर एक स्कूल वैन और ट्रेन की टक्कर में 13 स्कूली बच्चों की मौत हो गई.

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जिले की मिसरौली गांव की ग्राम प्रधान किरन देवी के घर आज मातम पसरा हुआ है, क्योंकि आज सुबह हुई ट्रेन स्कूल वैन दुर्घटना में उनके तीन बच्चों की मौत हो गई है. बच्चों की मां किरण लगातार रो रही है, जबकि पिता अमरजीत इस गहरे सदमे की वजह से पूरी तरह से खामोश हैं. बच्चों के दादा हरिहर प्रसाद ने बताया कि घर में दीवार पर टंगे फोटो में उनके दो पौत्र रवि (12), संतोष (10) और पौत्री रागिनी (7) की तस्वीरें है, लेकिन अब परिवार इन बच्चों को फोटो में ही देख पायेगा क्योंकि यह तीनों अब हम लोगों से बहुत दूर जा चुके हैं.

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उन्होंने कहा कि अब हम उन्हें कभी देख नहीं पाएंगे. वे आज स्कूल जाने को तैयार नहीं थे, लेकिन आज वह हमें हमेशा के लिये छोड़कर चले गये. बतरौली गांव का रहने वाला हरिओम एलकेजी का छात्र था. उसके पिता अमर सिंह एक किसान हैं और वह उनका इकलौता बेटा था. आज की दुर्घटना में हरिओम की भी मौत हो गई है.


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