NDTV Khabar

उप्र में योगी सरकार को कानून-व्यवस्था में और सुधार की जरूरत : राज्यपाल राम नाईक

राज्यपाल राम नाईक ने इशारों ही इशारों में कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.

 Share
ईमेल करें
टिप्पणियां
उप्र में योगी सरकार को कानून-व्यवस्था में और सुधार की जरूरत : राज्यपाल राम नाईक

राज्यपाल राम नाईक ने कहा कि पिछली सरकार भी मेरी सरकार थी. यह सरकार भी मेरी सरकार है...

खास बातें

  1. राज्यपाल राम नाईक अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर दी प्रतिक्रिया
  2. कहा - योगी सरकार 100 दिनों के भीतर अच्छी दिशा में बढ़ रही है
  3. इशारों ही इशारों में कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार की जरूरत
लखनऊ:

राज्यपाल राम नाईक ने शनिवार को अपने कार्यकाल के तीन वर्ष पूरे होने पर कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार 100 दिनों के भीतर अच्छी दिशा में बढ़ रही है, लेकिन राज्य में कानून-व्यवस्था में अभी भी सुधार की जरूरत है. राज्यपाल ने हालांकि यह भी कहा कि योगी सरकार ने 100 दिनों का रिपोर्ट कार्ड पेश कर जनता के सामने एक अच्छा उदाहरण पेश किया है. राज्यपाल राम नाईक ने तीन वर्ष पूरे होने पर राजभवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में योगी सरकार पर सीधे तौर पर हमला तो नहीं बोला, लेकिन उन्होंने इशारों ही इशारों में कहा कि कानून-व्यवस्था में सुधार की जरूरत है.

नाईक ने कहा, "पिछली सरकार भी मेरी सरकार थी. यह सरकार भी मेरी सरकार है. पहले भी हमने कई मौकों पर कहा है कि उप्र में कानून-व्यवस्था को लेकर सुधार की जरूरत है और अभी भी सुधार की जरूरत है. योगी सरकार ने 100 दिनों के भीतर किए गए कार्यो का लेखाजोखा जनता के सामने पेश कर एक अच्छी शुरुआत की है."


ये भी पढ़ें
आखिर क्यों कम नहीं हो रहा है क्राइम, बीते 7 दिनों में इन 10 वारदातों से थर्राया उत्तर प्रदेश
योगी आदित्यनाथ ने क्यों कहा- बच्चों के नाम 'गायत्री' रखना बंद कर देंगे लोग

वर्तमान विधानसभा सत्र से विपक्ष के बहिगर्मन को लेकर भी राज्यपाल ने सीधे तौर पर तो नहीं, लेकिन विपक्ष को यह सलाह दे डाली कि "अच्छा हो कि विपक्ष अपने फैसले पर पुनर्विचार करे और सदन की कार्यवाही में हिस्सा ले. सदन यदि विपक्ष के बिना चले तो अच्छा नहीं रहता है."

वीडियो

टिप्पणियां

नाईक ने कहा, "सदन के भीतर सबको अपनी बात कहने का हक होना चाहिए. सदन में एक स्वस्थ बहस होनी चाहिए. जब तक विपक्ष की टोका-टोकी नहीं होती है, तब तक सदन की कार्यवाही सूनी रहती है, लेकिन यह एक स्वस्थ तरीके से होना चाहिए. सदन में अभिभाषण के दौरान मेरे ऊपर भी कागज के गोले फेंके गए, लेकिन मैंने अपना पूरा भाषण पढ़ा."
 

(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)


Hindi News से जुड़े अन्य अपडेट लगातार हासिल करने के लिए हमें फेसबुक और गूगल प्लस पर ज्वॉइन करें, ट्विटर पर फॉलो करे...

लोकसभा चुनाव 2019 के दौरान प्रत्येक संसदीय सीट से जुड़ी ताज़ातरीन ख़बरों, LIVE अपडेट तथा चुनाव कार्यक्रम के लिए हमें फेसबुक पर लाइक और ट्विटर पर फॉलो करें.


Advertisement