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लखनऊ वासियों को मिली मेट्रो की सौगात, पार्टियों में मची श्रेय लेने की होड़; सोशल मीडिया पर छाया 'क्रेडिट वार'

आज मंगलवार को लखनऊ मेट्रो का उद्घाटन किया गया. लेकिन मेट्रो के उद्घाटन के साथ ही इस प्रोजेक्ट का श्रेय लेने की होड़ में राजनीतिक दलों ने सोशल मीडिया पर एकदूसरे पर जमकर कटाक्ष किए.

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लखनऊ वासियों को मिली मेट्रो की सौगात, पार्टियों में मची श्रेय लेने की होड़; सोशल मीडिया पर छाया 'क्रेडिट वार'

मंगलवार को राजनाथ सिंह और योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ मेट्रो का उद्घाटन किया गया

खास बातें

  1. 2011 में मायावती ने मेट्रो का प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र को भेजा था
  2. 2013 में अखिलेश सरकार ने शुरू कराई थी मेट्रो परियोजना
  3. 8.5 किलोमीटर मार्ग को दो सालों में तैयार करके बनाया रिकॉर्ड
लखनऊ: केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को ट्रांसपोर्ट नगर रेलवे स्टेशन पर लखनऊ मेट्रो की पहली सेवा का उद्घाटन किया. उत्तर प्रदेश के राज्यपाल राम नाईक सहित परियोजना के मुख्य सलाहकार ई. श्रीधरन भी इस मौके पर मौजूद थे. 8.5 किलोमीटर लंबी यह लखनऊ मेट्रो सेवा बुधवार से ट्रांसपोर्ट नगर से चारबाग रेलवे स्टेशन तक जनता के लिए खोल दी जाएगी. 

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इस अवसर पर मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में परियोजना के जल्द पूरा होने के पीछे रही टीम की सराहना करते हुए कहा कि मेट्रो से राज्य की राजधानी में यातायात की भीड़ घटेगी. इस दौरान उन्होंने आश्वासन दिया कि लखनऊ मेट्रो परियोजना के अन्य चरणों पर काम जल्द से जल्द पूरा हो जाएगा. आदित्यनाथ ने परियोजना के लिए यूरोपीय निवेश बैंक से ऋण उपलब्ध कराने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धन्यवाद दिया.

श्रेय लेने की मची होड़
इस दौरान आदित्यनाथ ने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव पर कटाक्ष करने का मौका नहीं छोड़ा, जिन्होंने इस परियोजना की शुरुआत की थी और वह उद्घाटन को लेकर पिछले कुछ दिनों से भारतीय जनता पार्टी सरकार को ताने मार रहे थे. उन्होंने कहा कि इसके पहले परियोजना के उद्घाटन में कुछ लोग पहुंचे थे, लेकिन मंगलवार का कार्यक्रम बहुत भरा-भरा लग रहा है, क्योंकि यहां काफी सारे लोग आए हुए हैं.

बता दें कि समाजवादी पार्टी के कुछ कार्यकर्ताओं ने सोमवार को खुद ही लखनऊ मेट्रो के उद्घाटन का कार्यक्रम आयोजित किया था. उन्होंने मिठाइयां बांटीं और अखिलेश यादव को लखनऊ को यह उपहार देने का श्रेय दिया. इस कार्यक्रम में अखिलेश को आमंत्रित किया गया था. वहां कार्यक्रम में तो नहीं पहुंचे, लेकिन इस परियोजना के बारे में ट्विटर पर उन्होंने विचार व्यक्त किया, जिसकी शुरुआत उन्होंने की थी. 

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने ट्वीट करके कहा, 'इंजन तो पहले ही चल दिया था, डिब्बे तो पीछे आने ही थे.'
अखिलेश इतने पर भी नहीं रुके. उन्होंने राज्य सरकार को मेट्रो की जगह अन्य समस्याओं पर ध्यान देने की सलाह तक दे डाली.
कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने योगी पर कटाक्ष करते हुए कहा कि उद्घाटन में अखिलेश यादव को भी बुला लेते, जिन्होंने सचमुच में इसे बनाया है.
इस तरह मेट्रो का श्रेय लेने के लिए सपा और बीजेपी में होड़ दिखाई दी. हालांकि इस पूरे प्रोजेक्ट की असल नींव तो बसपा प्रमुख मायावती ने रखी थी. अपने कार्यकाल के दौरान मायावती ने 2011 में लखनऊ मेट्रो की एक प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाकर केंद्र सरकार को भेजी थी. उसके बाद अखिलेश सरकार ने आगे आकर इस प्रोजेक्ट को जमीन पर उतारने का काम किया. 2013 में अखिलेश के कार्यकाल में शुरू हुआ मेट्रो प्रोजेक्ट 2017 में जाकर पूरा हुआ. 

VIDEO: लखनऊ मेट्रो का हुआ उद्घाटन
दो गलियारों में बंटा लखनऊ मेट्रो प्रोजेक्ट
लखनऊ मेट्रो परियोजना को दो गलियारों, उत्तर-दक्षिण और पूर्व-पश्चिम में विभाजित किया गया है. परियोजना के पहले चरण के लिए 6,928 करोड़ रुपये और दूसरे गलियारे पर 5,494 करोड़ रुपये लागत आने वाली है. 8.5 किलोमीटर के ट्रांसपोर्ट नगर और चारबाग खंड के बीच मेट्रो के प्राथमिकता गलियारे को केवल दो सालों में पूरा किया गया है, जो एक रिकॉर्ड है. कोई और मेट्रो परियोजना अतीत में इस उपलब्धि को हासिल नहीं कर सकी है.

(इनपुट आईएएनएस से भी)


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