तेजाब हमले की पीड़ित लड़की लखनऊ रेफर, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बंद रहे बाजार

गोंडा जिले के परसपुर में तेजाब से हमला करके तीन बहनों को घायल करने के आरोपी के परिजन ने उसकी गिरफ्तारी के लिए हुई पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताया

तेजाब हमले की पीड़ित लड़की लखनऊ रेफर, निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर बंद रहे बाजार

प्रतीकात्मक फोटो.

गोंडा:

गोंडा जिले के परसपुर क्षेत्र में तेजाब से हमला करके तीन बहनों को घायल करने के आरोपी के परिजन ने उसकी गिरफ्तारी के लिए हुई पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताते हुए इसकी सीबीआई जांच की मांग की है. वारदात में जख्मी हुई एक लड़की को लखनऊ रेफर कर दिया गया है. वहीं, घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पसका बाजार बुधवार को बंद रहा.

पुलिस अधीक्षक शैलेश कुमार पाण्डेय ने बताया कि परसपुर थाना क्षेत्र के पसका गांव में 13/14 अक्टूबर की दरम्यानी रात को आशीष चौरसिया नामक युवक ने एकतरफा आशनाई के चलते 17 साल की लड़की पर तेजाब से हमला किया था. उसके पास ही सो रही उसकी दो बहनें, सात और पांच साल की, भी इस वारदात में झुलस गयी थीं. तीनों को आनन-फानन में जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था. इस मामले में आशीष को देर रात मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया गया था.

इस बीच, आरोपी आशीष की मां लक्ष्मी ने अपने बेटे को निर्दोष बताते हुए पुलिस मुठभेड़ को फर्जी बताया है. लक्ष्मी ने मामले की सीबीआई जांच की मांग करते हुए कहा कि घटना के दिन उनका बेटा बहराइच के विशेश्वरगंज में अपनी बहन के यहां गया था. उसने आरोप लगाया कि मंगलवार को पुलिस ने परिवार के लोगों को उठा लिया और बेटे को बुलवाया. अगर बेटे ने कोई गलत काम किया हो तो उसे गोली मार दी जाए लेकिन यदि वह निर्दोष है तो उसे फौरन रिहा किया जाए.

अपर पुलिस अधीक्षक महेन्द्र कुमार ने लक्ष्मी के आरोपों को निराधार और पेशबंदी बताया है. उन्होंने बताया कि कॉल डीटेल में सामने आया कि आरोपी आशीष ने मुख्य पीड़िता खुशबू से कई बार बात की. छोटी बहन के बयान में भी उसका नाम आया है. उन्होंने दावा किया कि बहराइच से आते हुए पुलिस टीम की घेराबंदी देख आरोपी ने पुलिस पर गोली चलायी, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी.

इस बीच, घटना की निष्पक्ष जांच की मांग को लेकर पसका बाजार बुधवार को बंद रहा. व्यापार मण्डल के महामंत्री इंदल कुमार दुबे ने बताया कि प्रकरण में परसपुर के थानाध्यक्ष की भूमिका संदिग्ध है. व्यापार मण्डल का कहना है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए. किसी को गलत तरीके से फंसाया जाना उचित नहीं है. उधर, वारदात में घायल एक लड़की को प्रशासन की सलाह पर बेहतर इलाज के लिये लखनऊ के किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय रेफर कर दिया गया है.

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जिला चिकित्सालय की कार्यवाहक मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉक्टर इंदुबाला ने बताया कि तेजाब हमले से पीड़ित महिलाओं के लिए काम करने वाली संस्था ‘छाया फाउण्डेशन' के कुछ पदाधिकारियों ने जिलाधिकारी से मुलाकात कर लड़की के बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ भेजने का अनुरोध किया. इसके बाद प्रशासन ने संगठन की देखरेख में पीड़ित बालिका को लखनऊ भेजने का निर्णय लिया.

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इस बीच, घटना के दूसरे दिन स्थानीय नेताओं का गांव में पहुंचना जारी रहा. समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष आनंद मोहन उर्फ पप्पू यादव और पूर्व मंत्री योगेश प्रताप सिंह ने पीड़ित परिवार से मुलाकात कर उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया. इन नेताओं ने आरोपी युवक के परिवार वालों से भी भेंट किया और उनके साथ अन्याय न होने देने की बात कही.



(हेडलाइन के अलावा, इस खबर को एनडीटीवी टीम ने संपादित नहीं किया है, यह सिंडीकेट फीड से सीधे प्रकाशित की गई है।)