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मायावती ने कहा, मोदी सरकार की नाक के नीचे बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोती रही

मायावती ने कहा कि इससे दो अहम प्रश्न उठते हैं कि मोदी द्वारा देश को दिये गये इस आश्वासन का क्या हुआ कि ना खायेंगे और ना खाने देंगे. दूसरा यह कि जनधन योजना के अन्तर्गत करोड़ों ग़रीबों व मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का रूपया क्या अपने चहेते उद्योगपतियों व धन्नासेठों को ग़बन करने के लिये ही सरकारी बैंकों में जमा कराया गया था?'

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मायावती ने कहा, मोदी सरकार की नाक के नीचे बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोती रही

बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती (फाइल फोटो)

खास बातें

  1. हजारों करोड़ का बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोने का बहाना करती रही.
  2. मोदी द्वारा देश को दिये गये इस आश्वासन का क्या हुआ
  3. धन्नासेठों के लिये ही पलकें बिछाने का काम मोदी सरकार ने किया
लखनऊ : बहुजन समाज पार्टी सुप्रीमो मायावती ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की नाक के नीचे हजारों करोड़ का बैंक महाघोटाला हो गया और सरकार सोने का बहाना करती रही.

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उन्होंने कहा कि' इससे दो अहम प्रश्न उठते हैं कि मोदी द्वारा देश को दिये गये इस आश्वासन का क्या हुआ कि ना खायेंगे और ना खाने देंगे. दूसरा यह कि जनधन योजना के अन्तर्गत करोड़ों ग़रीबों व मेहनतकश लोगों की गाढ़ी कमाई का रूपया क्या अपने चहेते उद्योगपतियों व धन्नासेठों को ग़बन करने के लिये ही सरकारी बैंकों में जमा कराया गया था?' पंजाब नेशनल बैंक घोटाले पर अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुये मायावती ने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सरकार का क्या इसे ही अपना गुड गर्वेनेन्स मानेगी की उसके चहेते उद्योगपतिगण देश के धन को लूटकर और बड़े धन्नासेठ बनते रहे और बीजेपी सरकार उन्हें अपने गोद में बैठाये फिरती रही.

वास्तव में मोदी सरकार एक तरफ अपनी अलोकतांत्रिक सोच के हिसाब से काम करते हुये देश को ’विपक्ष-मुक्त’ बनाने के लिये ईडी, सीबीआई व आयकर विभाग आदि सरकारी मशीनरी का खुलकर दुरूपयोग करती रही जबकि दूसरी तरफ इनके धन्नासेठ प्रियपात्रों के लिये सरकार द्वारा बेईमानी व अनैतिकता के हर दरवाजे़ खोल दिये गये.' उन्होंने कहा कि इस प्रकार देश में जनहित व जनकल्याण की संवैधानिक ज़िम्मेदारी को पूरी तरह से भुलाकर धन्नासेठों के लिये ही पलकें बिछाने का काम मोदी सरकार द्वारा किया जाता रहा है और अन्ततः इसका नतीजा यह हुआ है कि धन्नासेठों की संख्या लगातार बढ़ती ही जा रही है तथा गरीब, किसान व बेरोजगार युवागण हर प्रकार से मोहताज का जीवन जीने को मजबूर हो रहे हैं.

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मायावती ने कहा कि सीबीआई के मुताबिक ज्यादातर घोटाला सन 2017-18 अर्थात चालू वर्ष में हुआ है तो क्या इस सनसनीखेज बैंकिंग महाघोटाले के लिये नरेन्द्र मोदी सरकार कोई ज़िम्मेदारी अपने ऊपर लेकर इसके मुख्य दोषियों के ख़िलाफ सख़्त कार्रवाई करने की हिम्मत रखती है ताकि बैंकिंग व्यवस्था में जनता का विश्वास बहाल हो सके?

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उन्होंने सवाल किया, ‘‘आखिर क्या कारण है कि देश में अरबों-खरबों रूपयों का घोटाला करने वाले धन्नासेठों - ललित मोदी, विजय माल्या व नीरव मोदी एण्ड कम्पनी - आदि के लोगों को बड़ी आसानी से देश छोड़कर विदेश भाग जाने दिया जाता है? क्या मोदी सरकार व बीजेपी एण्ड कम्पनी ऐसे जघन्य अपराधों में भी यही जवाब देगी कि हम चुनाव जीत रहे हैं इसलिये ऐसे कामों के लिये भी जनता का समर्थन हमें प्राप्त है?’’

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मायावती ने कहा कि देश लूट की इस प्रकार की घटनाओं से यह साफ तौर पर स्पष्ट है कि देश में नई टेकनोलोजी व आधार कार्ड आदि का इस्तेमाल केवल ग़रीबों, मज़दूरों, छोटे व्यापारियों, किसानों आदि को हर प्रकार से परेशान करने के लिये ही किया जा रहा है जबकि बड़े-बड़े उद्योगपति व धन्नासेठों आदि को हर प्रकार से देश को लूटने की छूट दे दी गयी है.
(इनपुट भाषा से)
 


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